यह खोज और वाचन का काम है। नीचे कविताओं की सूची, खोजने के भरोसेमंद स्रोत और वाचन की पूरी विधि दी गई है।
1. देशप्रेम से जुड़ी कुछ प्रसिद्ध हिंदी कविताएँ
| कविता | कवि | क्यों पढ़ें |
|---|---|---|
| वर दे, वीणावादिनि वर दे! | सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ | इसी पाठ की अगली खोज — संस्कृतनिष्ठ शब्दावली और संबोधन-शैली बिलकुल इसी कविता जैसी। |
| जय जय भारतमाता | मैथिलीशरण गुप्त | ‘झरोखे से’ में इसी का अंश दिया गया है — सरल भाषा में गहरी करुणा। |
| भारत माता ग्रामवासिनी | सुमित्रानंदन पंत | यहाँ भारतमाता महल में नहीं, गाँव में रहने वाली दुर्बल स्त्री है — निराला की भव्य छवि से बिलकुल उलटा और बहुत सोचने लायक चित्र। |
| पुष्प की अभिलाषा | माखनलाल चतुर्वेदी | छोटी, सरल और अत्यंत प्रभावशाली — फूल कहता है कि वह देवता पर नहीं, देश पर मिटने वालों के मार्ग पर पड़ना चाहता है। |
| झाँसी की रानी | सुभद्रा कुमारी चौहान | आपकी अपनी पाठ्यपुस्तक गंगा की अगली कविता (पाठ 11) — वीर रस और लय का सर्वोत्तम उदाहरण। |
| हिमाद्रि तुंग शृंग से (‘अरुण यह मधुमय देश हमारा’ भी) | जयशंकर प्रसाद | छायावाद की एक और ओजस्वी राष्ट्र-वंदना; निराला से तुलना के लिए बहुत उपयुक्त। |
| हिमालय का संदेश / रश्मिरथी के अंश | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ | ओज गुण का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण; ऊँची आवाज़ में पढ़ने के लिए बना हुआ काव्य। |
| कदम मिलाकर चलना होगा | अटल बिहारी वाजपेयी | आज की भाषा में लिखी गई प्रेरक कविता, जो कक्षा-वाचन के लिए बहुत अच्छी रहती है। |
| वंदे मातरम् | बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय | हमारा राष्ट्रीय गीत — मूल रूप से संस्कृत-निष्ठ बांग्ला में; इसमें भी मातृभूमि को माँ के रूप में देखा गया है, ठीक इसी कविता की तरह। |
| सारे जहाँ से अच्छा | मुहम्मद इक़बाल | ‘मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना’ — भारत की उदारता का वही भाव जो निराला के ‘उदार’ शब्द में है। |
2. कहाँ खोजें
- विद्यालय और सार्वजनिक पुस्तकालय — कवियों की काव्य-संग्रह पुस्तकें और देशभक्ति-गीतों के संकलन।
- NCERT ePathshala / DIKSHA और साहित्य अकादमी के डिजिटल संग्रह।
- पाठ के पहले पृष्ठ (पृष्ठ 166) पर छपा QR कोड — उस पर 0901CH10 लिखा है; उसे स्कैन करके इस पाठ से जुड़ी अतिरिक्त सामग्री तक पहुँचा जा सकता है।
- कोई भी पंक्ति तभी लिखिए जब वह किसी संपादित पुस्तक या विश्वसनीय संग्रह में मिल जाए — इंटरनेट पर बहुत-सी कविताएँ ग़लत कवि के नाम से घूमती रहती हैं।
3. कक्षा में वाचन कैसे करें
| चरण | क्या करें |
|---|---|
| 1. चुनाव | ऐसी कविता चुनिए जो 12–20 पंक्तियों की हो और जिसकी लय आपको स्वयं अच्छी लगे। जो कविता आपको अच्छी नहीं लगती, वह सुनने वाले को भी नहीं लगेगी। |
| 2. समझ | वाचन से पहले हर कठिन शब्द का अर्थ देख लीजिए। जो पंक्ति समझ में न आए, उसे पढ़ते समय आवाज़ अपने आप लड़खड़ा जाती है। |
| 3. भूमिका | दो वाक्यों में कवि और कविता का परिचय दीजिए — “मैं माखनलाल चतुर्वेदी की ‘पुष्प की अभिलाषा’ सुनाऊँगा। इसमें एक फूल अपनी अंतिम इच्छा बताता है।” |
| 4. ठहराव | हर चरण के अंत में ज़रा-सा रुकिए। तुक वाले शब्द (जैसे करे–धरे–भरे) थोड़ा खींचकर बोलिए — इससे लय अपने आप बैठ जाती है। |
| 5. भाव | वीर रस की कविता में स्वर ऊँचा और कसा हुआ; करुण भाव में धीमा और कोमल। एक ही सुर में पूरी कविता पढ़ देना सबसे बड़ी चूक है। |
| 6. दृष्टि और मुद्रा | काग़ज़ में सिर मत गाड़िए; बीच-बीच में सुनने वालों की ओर देखिए। सीधे खड़े होइए और हाथों का प्रयोग संयम से कीजिए। |
| 7. अभ्यास | घर पर कम-से-कम तीन बार ऊँची आवाज़ में पढ़िए — एक बार केवल अर्थ के लिए, एक बार केवल लय के लिए, और तीसरी बार दोनों के साथ। |