गंगा अध्याय 11 झाँसी की रानी के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-06
इस अध्याय के बारे में
रचनाकार — सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म सन् 1904 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ और आरंभिक शिक्षा भी वहीं हुई। वे अपने समय की प्रसिद्ध रचनाकार होने के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थीं और इसी कारण उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रीय चेतना जगाई। प्रमुख रचनाएँ — मुकुल , त्रिधारा (कविता संग्रह); बिखरे मोती , उन्मादिनी , सीधे-सादे चित्र (कहानी संग्रह); कदंब का पेड़ , सभा का खेल (बाल साहित्य)। मुकुल और बिखरे मोती के लिए उन्हें दो बार ‘सेकसरिया पुरस्कार’ मिला। सन् 1948 में उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। भारतीय डाक विभाग ने उनके सम्मान में एक डाक टिकट भी जारी किया। कथावस्तु — कविता 18 छंदों में रानी लक्ष्मीबाई की पूरी जीवन-कथा क्रम से कहती है — सन् 1857 का जागरण (छंद 1), बिठूर में बचपन और नाना के साथ शस्त्र-खेल (छंद 2–3), झाँसी में विवाह (छंद 4), र
अभ्यास
- कविता की व्याख्या
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- कविता की व्याख्या
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- कविता में कहानी
- साझा साथ/साझा संघर्ष
- व्याकरण की बात
- मुहावरे
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