प्र1.
“कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी।” — नीचे ‘बहन’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बहन’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर
पुस्तक ने पृष्ठ 190 पर जो सूची दी है, वह इस प्रकार है —
| भाषा | ‘बहन’ के लिए शब्द | भाषा | ‘बहन’ के लिए शब्द |
|---|---|---|---|
| हिंदी | बहन | असमिया | भनी, बाइ, बाइदेउ |
| संस्कृत | भगिनी, स्वसृ: | मणिपुरी | मचन, मनाओ |
| पंजाबी | भैंण | ओड़िआ | भउणी |
| उर्दू | बहन, हमशीरा | तेलुगू | अक्कॅ, चेल्लेलु |
| कश्मीरी | बैनी | तमिल | तंगै, अक्का |
| सिंधी | भेण | मलयालम | सहोदरि, पेङ्ङळ् |
| मराठी | बहीण | कन्नड़ | सोदरि, अक्क, तंगि |
| गुजराती | बहेन | कोंकणी | भयण |
| नेपाली | बैनी, दीदी | बांग्ला | बोन, भगिनी |
इनके अतिरिक्त कुछ और भाषाओं/बोलियों के शब्द (आप अपनी जानकारी के अनुसार और जोड़ सकते हैं) —
| भाषा / बोली | ‘बहन’ के लिए शब्द |
|---|---|
| मैथिली | बहिन, दीदी |
| भोजपुरी | बहिन, दीदी |
| अवधी / ब्रज | बहिनी, बहिन |
| बुंदेली | बैन, बहिनी |
| छत्तीसगढ़ी | बहिनी, दीदी |
| राजस्थानी (मारवाड़ी) | बैन, बाई |
| हरियाणवी | बहण, बेब |
| अंग्रेज़ी | sister |
सूची से एक सुंदर बात: ध्यान से देखिए तो अधिकांश शब्दों की जड़ एक ही है — संस्कृत का ‘भगिनी’। उसी से बना — बांग्ला ‘भगिनी’, ओड़िआ ‘भउणी’, कोंकणी ‘भयण’, सिंधी ‘भेण’, पंजाबी ‘भैंण’, मराठी ‘बहीण’, गुजराती ‘बहेन’, हिंदी ‘बहन’। दूसरी ओर दक्षिण की द्रविड़ भाषाओं में एक अलग परिवार दिखता है — तमिल ‘अक्का’, तेलुगू ‘अक्कॅ’, कन्नड़ ‘अक्क’। और तीसरी बात यह कि कई भाषाओं में दो शब्द हैं — बड़ी बहन के लिए अलग और छोटी के लिए अलग (तेलुगू में अक्कॅ = बड़ी, चेल्लेलु = छोटी; कन्नड़ में अक्क = बड़ी, तंगि = छोटी; नेपाली में दीदी = बड़ी, बैनी = छोटी)। हिंदी में यह अंतर शब्द से नहीं, ‘बड़ी/छोटी’ जोड़कर बताया जाता है।
कविता से जोड़िए: इस पंक्ति में ‘बहन’ शब्द विशेष है — लक्ष्मीबाई नाना साहब की सगी बहन नहीं थीं, मुँहबोली बहन थीं। यानी यह रिश्ता जन्म का नहीं, स्नेह का था। भारत की लगभग हर भाषा में ऐसे मुँहबोले रिश्तों के लिए भी वही शब्द चलते हैं — यही हमारी भाषाओं की साझी संस्कृति है।