गंगा अध्याय 12 घर की याद के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-06
इस अध्याय के बारे में
रचनाकार — भवानीप्रसाद मिश्र का जन्म सन् 1913 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम) में हुआ था। साहित्य के साथ-साथ स्वाधीनता आंदोलन में जिन कवियों की सक्रिय भागीदारी थी, उनमें ये प्रमुख हैं। उनकी मुख्य रचनाएँ हैं — गीत-फ़रोश, खुशबू के शिलालेख, चकित है दुख, अँधेरी कविताएँ, बुनी हुई रस्सी, कवितांतर, शतदल, गांधी-पंचशती, त्रिकाल संध्या । कविता-संग्रह बुनी हुई रस्सी पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। उन्होंने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति में काम किया, सन् 1952–55 तक हैदराबाद से निकलने वाली साहित्यिक पत्रिका कल्पना का संपादन किया, सन् 1955–58 तक आकाशवाणी के हिंदी कार्यक्रमों से जुड़े रहे और संपूर्ण गांधी वाङ्मय का भी संपादन किया। सन् 1985 में उनका निधन हुआ। कविता कहाँ लिखी गई — पुस्तक स्वयं बताती है कि भवानीप्रसाद मिश्र ने सन् 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भाग लिया, जिसके चलते ब्
अभ्यास
- कविता की व्याख्या (1)
- कविता की व्याख्या (2)
- कविता की व्याख्या (3)
- कविता की व्याख्या (4)
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- कविता का सौंदर्य
- कविता की संरचना
- विषयों से संवाद
- सृजन
- व्याकरण की बात
- गतिविधियाँ
- भाषा संगम
- खोजबीन
- साथ-साथ पढ़ें