गंगा अध्याय 12 भाषा संगम

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
“घर कि घर में सब जुड़े हैं” — नीचे ‘घर’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। … इनके अतिरिक्त यदि आप ‘घर’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर

पहले पुस्तक की दी हुई सूची को व्यवस्थित रूप में देख लीजिए —

भाषा‘घर’ के लिए शब्दभाषा‘घर’ के लिए शब्द
हिंदीमकान, गृह, निवासअसमियाघर
संस्कृतगृहम्मणिपुरीयुम
पंजाबीघरओड़िआघर, गृह, आलय, आबास
उर्दूघरतेलुगुइल्लु
कश्मीरीगॉरुतमिलवीडु, इल्लम्
सिंधीघरुमलयालमवीडु, इल्लम
मराठीघरकन्नड़गृह, मने
गुजरातीघरकोंकणीघर
नेपालीघर, आवासबांग्लाघर, बाड़ी

इनके अतिरिक्त कुछ और भाषाओं में ‘घर’ —

भाषा‘घर’ के लिए शब्द
बोडोनो
संथालीओड़ाक्
डोगरीघर
मैथिलीघर
बुंदेली/बघेली (कवि की अपनी बोली का क्षेत्र)घर, घरु
अंग्रेज़ीhome / house
फ़ारसीख़ाना
सूची से क्या दिखाई देता है: तीन बातें ध्यान देने योग्य हैं —
  • उत्तर भारत की अधिकांश भाषाओं में शब्द लगभग एक ही है — घर / घरु / गॉरु। ये सभी संस्कृत के ‘गृह’ से निकले हैं। यही भाषाओं का पारिवारिक संबंध है।
  • दक्षिण की द्रविड़ भाषाओं में शब्द बिलकुल अलग हैं — इल्लु, इल्लम्, वीडु, मने — क्योंकि वे अलग भाषा-परिवार की हैं। फिर भी संस्कृत से आए ‘गृह’ जैसे शब्द वहाँ भी मिलते हैं (कन्नड़ — गृह, ओड़िआ — गृह)।
  • मणिपुरी का ‘युम’ और संथाली का ‘ओड़ाक्’ बताते हैं कि भारत में कितने अलग-अलग भाषा-परिवार साथ-साथ रहते हैं।
यानी शब्द अलग हैं, पर जिस भाव का नाम वे रख रहे हैं, वह पूरे देश में एक ही है — और यही ‘घर की याद’ जैसी कविता को हर भाषा के पाठक के लिए अपनी बना देता है।
करके देखिए: अपनी कक्षा में जितनी भाषाएँ बोलने वाले बच्चे हों, सबसे उनकी भाषा में ‘घर’, ‘माँ’ और ‘पानी’ शब्द पूछकर एक तालिका बनाइए। आपको दिखेगा कि ‘माँ’ शब्द लगभग हर भाषा में मिलता-जुलता है।
प्र2.
• उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए। (वाक्य — “घर कि घर में सब जुड़े हैं”)
उत्तर

यह प्रश्न आपकी अपनी मातृभाषा माँगता है, इसलिए उत्तर हर विद्यार्थी का अलग होगा। नीचे कई भाषाओं में यही वाक्य दिया गया है — अपनी भाषा वाला रूप देखिए और उसी तरह अपना उत्तर लिखिए।

भाषा“घर कि घर में सब जुड़े हैं”
हिंदी (मानक)घर — उस घर में सब लोग इकट्ठे हैं।
बुंदेली/निमाड़ी (कवि का क्षेत्र)घर, उई घर मं सब जने जुड़े हैं।
भोजपुरीघर, ओह घरे में सब लोग जुटल बाड़ें।
अवधीघर, ओहि घर मां सब जने जुरे हैं।
मैथिलीघर, ओहि घर मे सभ जुटल छथि।
मराठीघर, त्या घरात सगळे जमले आहेत।
गुजरातीघर, ए घरमां बधा भेगा थया छे।
पंजाबीघर, उस घर विच सारे जुड़े होए ने।
बांग्लाघर, सेइ घरे सबाइ जड़ो हयेछे।
संस्कृतगृहम्, तस्मिन् गृहे सर्वे मिलिताः सन्ति।
अंग्रेज़ीHome — in that home everyone has gathered.
अपना उत्तर लिखते समय:
  1. पहले वाक्य को अपनी भाषा में बोलकर देखिए, फिर लिखिए — तभी वह स्वाभाविक बनेगा।
  2. शब्द-दर-शब्द अनुवाद मत कीजिए। अपनी भाषा में जो वाक्य-रचना स्वाभाविक हो, वही लिखिए।
  3. यदि आपकी भाषा की अपनी लिपि है, तो उसी लिपि में लिखिए और नीचे देवनागरी में उसका उच्चारण भी दे दीजिए।
  4. घर के किसी बड़े को अपना वाक्य सुनाकर जाँच करा लीजिए।
यह गतिविधि क्यों दी गई है: ‘भाषा संगम’ का उद्देश्य यह दिखाना है कि भारत की भाषाएँ अलग-अलग होकर भी एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। जब आप एक ही वाक्य को कई भाषाओं में लिखकर देखते हैं, तो शब्दों की समानता और वाक्य-रचना का अंतर, दोनों अपने आप समझ में आने लगते हैं — और यही भाषा-विज्ञान की पहली सीढ़ी है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ