प्र1.
“घर कि घर में सब जुड़े हैं” — नीचे ‘घर’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। … इनके अतिरिक्त यदि आप ‘घर’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर
पहले पुस्तक की दी हुई सूची को व्यवस्थित रूप में देख लीजिए —
| भाषा | ‘घर’ के लिए शब्द | भाषा | ‘घर’ के लिए शब्द |
|---|---|---|---|
| हिंदी | मकान, गृह, निवास | असमिया | घर |
| संस्कृत | गृहम् | मणिपुरी | युम |
| पंजाबी | घर | ओड़िआ | घर, गृह, आलय, आबास |
| उर्दू | घर | तेलुगु | इल्लु |
| कश्मीरी | गॉरु | तमिल | वीडु, इल्लम् |
| सिंधी | घरु | मलयालम | वीडु, इल्लम |
| मराठी | घर | कन्नड़ | गृह, मने |
| गुजराती | घर | कोंकणी | घर |
| नेपाली | घर, आवास | बांग्ला | घर, बाड़ी |
इनके अतिरिक्त कुछ और भाषाओं में ‘घर’ —
| भाषा | ‘घर’ के लिए शब्द |
|---|---|
| बोडो | नो |
| संथाली | ओड़ाक् |
| डोगरी | घर |
| मैथिली | घर |
| बुंदेली/बघेली (कवि की अपनी बोली का क्षेत्र) | घर, घरु |
| अंग्रेज़ी | home / house |
| फ़ारसी | ख़ाना |
सूची से क्या दिखाई देता है: तीन बातें ध्यान देने योग्य हैं —
- उत्तर भारत की अधिकांश भाषाओं में शब्द लगभग एक ही है — घर / घरु / गॉरु। ये सभी संस्कृत के ‘गृह’ से निकले हैं। यही भाषाओं का पारिवारिक संबंध है।
- दक्षिण की द्रविड़ भाषाओं में शब्द बिलकुल अलग हैं — इल्लु, इल्लम्, वीडु, मने — क्योंकि वे अलग भाषा-परिवार की हैं। फिर भी संस्कृत से आए ‘गृह’ जैसे शब्द वहाँ भी मिलते हैं (कन्नड़ — गृह, ओड़िआ — गृह)।
- मणिपुरी का ‘युम’ और संथाली का ‘ओड़ाक्’ बताते हैं कि भारत में कितने अलग-अलग भाषा-परिवार साथ-साथ रहते हैं।
करके देखिए: अपनी कक्षा में जितनी भाषाएँ बोलने वाले बच्चे हों, सबसे उनकी भाषा में ‘घर’, ‘माँ’ और ‘पानी’ शब्द पूछकर एक तालिका बनाइए। आपको दिखेगा कि ‘माँ’ शब्द लगभग हर भाषा में मिलता-जुलता है।