प्र1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? 1. भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी? (क) विदेश से मित्र के लिए (ख) युद्धभूमि से जनता के लिए (ग) जेल से परिवार के लिए (घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए
उत्तर
सटीक उत्तर — (ग) जेल से परिवार के लिए।
यह उत्तर क्यों उपयुक्त है: पाठ के आरंभ में पुस्तक ने स्वयं यह जानकारी दी है — भवानीप्रसाद मिश्र ने सन् 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भाग लिया, जिसके चलते ब्रिटिश सरकार ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास का दंड दिया, और जेल में रहते हुए ही उन्होंने ‘घर की याद’ कविता लिखी। कविता का भीतरी प्रमाण भी यही कहता है — कवि बाहर नहीं निकल सकता, इसलिए उसे यह भी पता नहीं चलता कि सबेरा कब हुआ (“ठीक से मैंने न जाना, बहुत सोकर सिर्फ माना”); वह अपने ही मन से कहता है “घर नहीं हूँ बस यही है”; और वह हवा तथा सावन को दूत बनाकर संदेश भिजवाता है, क्योंकि वह स्वयं जा नहीं सकता। और यह संदेश किसे भेजा जा रहा है? पिताजी, माँ, चार भाइयों, चार बहनों, भौजी और सरला को — यानी परिवार को। इसलिए ‘जेल से, परिवार के लिए’ ही पूरी तरह सही है।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| (क) विदेश से मित्र के लिए | ग़लत | कविता में कहीं विदेश का संकेत नहीं है — सावन, बरगद, लौकी का बीज, लीपा हुआ आँगन, ये सब भारतीय गाँव के चित्र हैं। और संबोधन मित्र को नहीं, माता-पिता और भाई-बहनों को है। |
| (ख) युद्धभूमि से जनता के लिए | ग़लत | कविता में कोई युद्ध, शस्त्र या सैनिक नहीं है, और न ही यह ‘जनता’ को संबोधित है। इसमें एक ही आदमी अपने घर को याद कर रहा है। |
| (ग) जेल से परिवार के लिए | सही ✓ | पुस्तक स्वयं बताती है कि यह कविता 1942 के आंदोलन में मिले तीन वर्ष के कारावास के दौरान जेल में लिखी गई और इसकी केंद्रीय संवेदना ‘परिवार की स्मृति’ है। |
| (घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए | ग़लत | यात्रा में आदमी आ-जा सकता है; यहाँ कवि की विवशता ही मूल भाव है — “और इस पर बस नहीं है”। यह विवशता यात्रा की नहीं, बंदी होने की है। |