गंगा अध्याय 11 खोजबीन

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों तथा पुस्तकों के माध्यम से आप लक्ष्मीबाई तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अन्य वीरांगनाओं और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित बालिका कांति के अदम्य साहस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं— (पुस्तक में दी गई कड़ियाँ तथा ‘भारत की महान नारियाँ’ शृंखला की पुस्तकें, प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित)
उत्तर

यह खोज-कार्य है। नीचे बताया गया है कि कहाँ खोजें, क्या खोजें और खोज को किस रूप में लिखें

1. कहाँ खोजें

  • पुस्तक की अपनी कड़ियाँ — पृष्ठ 192 पर नीले रंग में दो कड़ियाँ छपी हैं — एक ‘award-4677447’ से समाप्त होने वाला पता (यह राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित बालिका कांति से संबंधित है) और दूसरा NCERT OFFICIAL का यूट्यूब चैनल। इन्हें शिक्षक या अभिभावक की उपस्थिति में खोलिए।
  • पुस्तकें —भारत की महान नारियाँ’ शृंखला की पुस्तकें, प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली — पुस्तक ने स्वयं यही स्रोत सुझाया है। ये पुस्तकें अधिकतर विद्यालय और ज़िला पुस्तकालयों में मिल जाती हैं।
  • पाठ का QR कोड — पाठ के पहले पृष्ठ (पृष्ठ 176) पर बाईं ओर एक QR कोड छपा है जिस पर 0901CH11 लिखा है। उसे स्कैन करके इस पाठ की अतिरिक्त सामग्री तक पहुँचा जा सकता है।
  • विश्वसनीय ऑनलाइन स्रोत — NCERT के अपने मंच (ePathshala / DIKSHA), राष्ट्रीय अभिलेखागार और प्रकाशन विभाग की डिजिटल पुस्तकें। कोई भी जानकारी लेने से पहले देखिए कि प्रकाशक और लेखक का नाम दिया गया है या नहीं।

2. क्या-क्या खोजें — एक जाँच-सूची

विषयक्या पता करना है
रानी लक्ष्मीबाईबचपन का नाम (मनु/मणिकर्णिका), पिता मोरोपंत ताँबे, बिठूर में बचपन, गंगाधर राव से विवाह, दत्तक पुत्र दामोदर राव, झाँसी का हड़पा जाना, झाँसी की घेराबंदी, कालपी और ग्वालियर के अभियान, 1858 में वीरगति। ध्यान दीजिए — उनके जन्म-वर्ष पर इतिहासकारों में मतभेद है (1828 या 1835); देखिए आपका स्रोत क्या कहता है और किस आधार पर।
झलकारी बाईभोजला गाँव, ‘दुर्गा दल’, रानी का वेश धारण करना; बुंदेलखंड की लोककथाओं में उनकी स्मृति; उनके नाम पर बने संग्रहालय और जयंती।
अन्य वीरांगनाएँबेगम हज़रत महल (अवध), ऊदा देवी (लखनऊ), रानी अवंतीबाई लोधी (रामगढ़), रानी चेन्नम्मा (कित्तूर), मातंगिनी हाज़रा और बाद के दौर की कैप्टन लक्ष्मी सहगल। हर एक के लिए — कब, कहाँ, किसके विरुद्ध, और किस बात के लिए याद की जाती हैं।
बालिका कांतिराष्ट्रीय वीरता पुरस्कार किसे और किस आधार पर दिया जाता है; कांति ने ऐसा क्या किया कि उन्हें यह सम्मान मिला; पुरस्कार किस वर्ष मिला।
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारयह पुरस्कार बच्चों को असाधारण साहस के लिए दिया जाता है। पता कीजिए कि यह कब आरंभ हुआ, कौन देता है, और इस वर्ष किन बच्चों को मिला।
सुभद्रा कुमारी चौहानवे स्वयं स्वतंत्रता सेनानी थीं और दो बार जेल गईं। उनकी अन्य कविताएँ — ‘वीरों का कैसा हो वसंत’, ‘जलियाँवाला बाग में वसंत’ — पढ़िए और देखिए कि उनमें भी वही ओज है या नहीं। उनके सम्मान में जारी डाक टिकट का चित्र खोजिए।

3. खोज को किस रूप में लिखें

  1. एक पृष्ठ, एक वीरांगना — ऊपर नाम और जीवन-काल, फिर पाँच-छह वाक्यों में परिचय, फिर एक वाक्य में यह कि उन्हें क्यों याद किया जाना चाहिए।
  2. स्रोत अवश्य लिखिए — पुस्तक का नाम, लेखक/प्रकाशक और पृष्ठ; या वेबसाइट का नाम और देखने की तिथि। यह आदत आगे की पढ़ाई में बहुत काम आएगी।
  3. दो स्रोतों से मिलान कीजिए — यदि दो स्रोत अलग-अलग तिथि दें, तो दोनों लिख दीजिए और नीचे टिप्पणी कर दीजिए कि मतभेद है। यही सही ऐतिहासिक पद्धति है।
  4. कक्षा में प्रस्तुति — सब मिलकर एक ‘1857 की वीरांगनाएँ’ नामक भित्ति-पत्रिका बनाइए, जिसमें हर विद्यार्थी का एक पृष्ठ लगे और साथ में भारत का मानचित्र हो जिस पर हर वीरांगना का क्षेत्र चिह्नित हो।
इंटरनेट पर खोजते समय: (1) पहले सरकारी या शैक्षिक स्रोत देखिए। (2) किसी एक जगह मिली बात को तब तक अंतिम मत मानिए जब तक दूसरी जगह से उसकी पुष्टि न हो जाए। (3) चित्र और वीडियो लेते समय देखिए कि वे किस काल के हैं — 1857 के समय के छायाचित्र बहुत कम हैं; बाद में बने चित्रों को उस समय का चित्र मान लेना भूल होगी।
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