समस्त पद — शतदल | विग्रह — शत (सौ) हैं दल जिसके — वह (कमल) | समास — बहुव्रीहि
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पूर्वपद | शत (संख्यावाचक विशेषण — सौ) |
| उत्तरपद | दल (पंखुड़ी) |
| विग्रह | शत हैं दल जिसके, वह — कमल |
| समास का भेद | बहुव्रीहि (क्योंकि अर्थ किसी तीसरी वस्तु — कमल — का है) |
| कविता की पंक्ति | “लंका पदतल शतदल,” |
| पंक्ति में अर्थ | लंका (भारतमाता के) चरणों के नीचे खिले कमल के समान है। |
अपने वाक्य में प्रयोग: सरोवर में खिला शतदल भोर की धूप में और सुंदर लग रहा था।