प्र1.
“निबंध लिखने के पहले उसकी रूपरेखा बना लेनी चाहिए।” नीचे ‘निबंध’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। — निबंध (हिंदी); निबंधः (संस्कृत); निबंध (पंजाबी); मजमून (उर्दू); मजमून (कश्मीरी); मज्मूनु, निबंधु (सिन्धी); निबंध (मराठी); निबंध (गुजराती); निबंध (कोंकणी); निबंध (नेपाली); निबंध, प्रबंध (बांग्ला); निबंध-रचना (असमिया); निबंध, वाड़्डू (मणिपुरी); प्रबंध, रचना (ओड़िआ); व्यासमु (तेलुगु); कट्टुरै (तमिल); उपन्यासम् (मलयालम); लेख, प्रबंध (कन्नड़)। — इनके अतिरिक्त यदि आप ‘निबंध’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर
पुस्तक की सूची के अतिरिक्त ये शब्द भी जोड़े जा सकते हैं —
| भाषा | ‘निबंध’ के लिए शब्द | टिप्पणी |
|---|---|---|
| मैथिली / भोजपुरी / अवधी / छत्तीसगढ़ी | निबंध | हिंदी प्रदेश की बोलियों में तत्सम रूप ही चलता है। |
| डोगरी | निबंध | — |
| बोडो / संताली | निबंध (लिपि के अनुसार) | संताली में ऑल-चिकी लिपि में लिखा जाता है। |
| अंग्रेज़ी | essay | फ़्रेंच essai से आया, जिसका अर्थ है ‘प्रयत्न, आज़माइश’। |
| फ़्रेंच | essai | मानटेन की पुस्तक का नाम ही Essais (1580) था — इसी से यह विधा का नाम बना। |
| फ़ारसी / अरबी | मज़मून (مضمون) | उर्दू, कश्मीरी और सिन्धी में यही शब्द आया है। |
सूची से क्या दिखता है — यह देखना ही असली अभ्यास है:
- तीन परिवार साफ़ दिखते हैं। उत्तर-भारत की भाषाओं में संस्कृत से आया निबंध/प्रबंध चलता है; उर्दू-कश्मीरी-सिन्धी में फ़ारसी-अरबी से आया मज़मून; और दक्षिण की भाषाओं में उनके अपने शब्द — तेलुगु व्यासमु, तमिल कट्टुरै, मलयालम उपन्यासम्, कन्नड़ लेख/प्रबंध।
- शब्दों के भीतर अर्थ छिपा है। ‘निबंध’ = नि + बंध, यानी ‘भली-भाँति बँधा हुआ’ — यह बात पाठ में ही बताई गई है। तमिल ‘कट्टुरै’ में भी कट्टु का अर्थ ‘बाँधना’ और उरै का ‘कथन’ है — यानी बँधा हुआ कथन। दो अलग भाषा-परिवार, पर एक ही कल्पना!
- एक ही शब्द के दो अर्थ। मलयालम का ‘उपन्यासम्’ हिंदी के ‘उपन्यास’ जैसा दिखता है, पर वहाँ उसका अर्थ ‘निबंध/प्रस्तुति’ है। इसीलिए किसी भाषा का शब्द केवल रूप देखकर नहीं, अर्थ पूछकर समझना चाहिए।