प्र1.
निबंध से उपसर्ग और प्रत्यय वाले शब्द ढूँढ़कर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर
पहले नियम दोहरा लीजिए — उपसर्ग शब्द के आरंभ में लगता है (दुर् + बोध = दुर्बोध), और प्रत्यय शब्द के अंत में (सुधार + क = सुधारक)। दोनों अपने आप, अकेले प्रयोग नहीं होते।
(क) उपसर्ग वाले शब्द (निबंध से) —
| शब्द | उपसर्ग | मूल शब्द | अर्थ-संकेत |
|---|---|---|---|
| दुर्बोध / दुर्बोधता | दुर् | बोध | कठिनाई से समझ आने वाला |
| अनादि | अन् | आदि | जिसका आरंभ न हो |
| अस्पष्टता | अ | स्पष्टता | अभाव — स्पष्ट न होना |
| अज्ञ | अ | ज्ञ | जो जानता न हो |
| असंतोष | अ | संतोष | संतोष का अभाव |
| प्रवाह | प्र | वाह | आगे बहना |
| प्रगतिशील | प्र | गति | आगे की गति |
| प्रयत्न | प्र | यत्न | विशेष प्रयास |
| अनुभव / अनुभूति | अनु | भव / भूति | पीछे-पीछे, साथ-साथ होना |
| अनुसंधान | अनु | संधान | खोज में पीछे लगना |
| अनुसरण | अनु | सरण | पीछे चलना |
| विरोध / विवेचना | वि | रोध / वेचना | विशेष या विपरीत भाव |
| समावेश | सम् | आवेश | साथ-साथ आना, शामिल होना |
| सम्मति / संचित | सम् | मति / चित | मिलकर, एक साथ |
| आवेग / आदेश / आग्रह | आ | वेग / देश / ग्रह | ओर, तक, पूर्णता |
| उत्थित / उत्पन्न / उल्लास | उत् | स्थित / पन्न / लास | ऊपर उठना |
| परिश्रम | परि | श्रम | चारों ओर से, पूरी तरह |
| निबंध | नि | बंध | भली-भाँति बँधा हुआ |
| निर्माण | निर् | माण | पूरी तरह गढ़ना |
| प्रतीत / प्रतिभा | प्रति | इत / भा | ओर, प्रत्येक, सामने |
(ख) प्रत्यय वाले शब्द (निबंध से) —
| शब्द | मूल शब्द | प्रत्यय | क्या बना |
|---|---|---|---|
| सुधारक | सुधार | क | करने वाला (कर्तृवाचक) |
| लेखक | लेख | क | लिखने वाला |
| निबंधकार / व्यंग्यकार | निबंध / व्यंग्य | कार | रचने वाला |
| समर्थक / संरक्षक | समर्थ / संरक्ष | क | समर्थन/रक्षा करने वाला |
| कठिनाई | कठिन | आई | भाववाचक संज्ञा |
| कठिनता / मधुरता / यथार्थता / दुर्बोधता / अस्पष्टता | कठिन / मधुर / यथार्थ / दुर्बोध / अस्पष्ट | ता | भाववाचक संज्ञा |
| गंभीरता (गांभीर्य) | गंभीर | ता / य | गुण का भाव |
| लज्जाशील / प्रगतिशील | लज्जा / प्रगति | शील | वैसा स्वभाव रखने वाला |
| प्रतिभावान | प्रतिभा | वान | जिसमें वह गुण हो |
| मनमोहक | मनमोह | क | मन मोह लेने वाला |
| मानसिक / सामाजिक / साहित्यिक / तार्किक | मानस / समाज / साहित्य / तर्क | इक | संबंध बताने वाला विशेषण |
| स्मरणीय | स्मरण | ईय | जिसे स्मरण किया जाए |
| सुहावने | सुहाव | ना | अच्छा लगने वाला |
| लिपिबद्ध | लिपि | बद्ध | लिपि में बँधा हुआ |
पहचान का सूत्र: शब्द को बीच से पकड़िए — पहले मूल शब्द खोजिए (बोध, सुधार, कठिन, प्रगति)। जो उसके पहले जुड़ा है वह उपसर्ग, जो बाद में जुड़ा है वह प्रत्यय। कुछ शब्दों में दोनों एक साथ होते हैं — जैसे दुर्बोधता = दुर् (उपसर्ग) + बोध (मूल) + ता (प्रत्यय) और अस्पष्टता = अ + स्पष्ट + ता।