प्र1.
“मैं अपने देश का नागरिक हूँ” — नीचे ‘देश’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। … • इनके अतिरिक्त यदि आप ‘देश’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर
पहले पुस्तक की दी हुई सूची एक बार व्यवस्थित रूप में देख लीजिए —
| भाषा | ‘देश’ के लिए शब्द | भाषा | ‘देश’ के लिए शब्द |
|---|---|---|---|
| हिंदी | देश | नेपाली | देश, मुलुक, राष्ट्र |
| संस्कृत | देशः, क्षेत्रम् | बांग्ला | प्रदेश, अञ्चल, राज्य |
| पंजाबी | देस, देश | असमिया | देश, राज्य, प्रदेश |
| उर्दू | ख़ित्ता, इलाक़ा | मणिपुरी | लैबाक, मफम, लम |
| कश्मीरी | दीश, मुलुँख | ओड़िआ | देश, राज्य, प्रदेश, अंचल |
| सिंधी | देशु, देसु | तेलुगु | प्रदेशमु |
| मराठी | देश | तमिल | इडम्, पिरदेशम् |
| गुजराती | देश, प्रदेश | मलयालम | देशम् |
| कोंकणी | देश | कन्नड़ | देश |
अब कुछ और भाषाएँ और बोलियाँ जोड़िए —
| भाषा / बोली | ‘देश’ के लिए शब्द |
|---|---|
| भोजपुरी, अवधी, ब्रज, मैथिली, राजस्थानी, हरियाणवी, छत्तीसगढ़ी | देस / देश (इन सबमें रूप लगभग एक ही है — यही हिंदी-प्रदेश की भाषिक एकता का प्रमाण है) |
| डोगरी | देस |
| संथाली | दिसोम |
| बोडो | हादोर / हा (‘हा’ का अर्थ है भूमि) |
| अंग्रेज़ी | country, nation, land |
| अरबी/फ़ारसी से आए शब्द जो हिंदी-उर्दू में चलते हैं | मुल्क, वतन, सरज़मीन |
इस सूची से क्या दिखता है — तीन बातें:
- एक ही मूल, अनेक रूप। संस्कृत ‘देश’ से देस, देसु, दीश, देशम्, देशमु, पिरदेशम् — सब निकले हैं। ध्वनि बदली, अर्थ नहीं। यही भारतीय भाषाओं का साझा भंडार है।
- कुछ भाषाओं ने अपने शब्द गढ़े। मणिपुरी का ‘लैबाक’ और ‘लम’, बोडो का ‘हा’, संथाली का ‘दिसोम’ — ये संस्कृत-मूल के नहीं हैं। भारत में केवल एक भाषा-परिवार नहीं है।
- कुछ शब्द बाहर से आकर अपने हो गए। उर्दू का ‘ख़ित्ता’ और ‘इलाक़ा’, कश्मीरी-नेपाली का ‘मुलुक/मुलुँख’ — अरबी-फ़ारसी से आए, पर आज उतने ही भारतीय हैं जितना ‘देश’।
Try This: कक्षा में जितनी मातृभाषाएँ हैं, उतने कागज़ बनाइए और हर कागज़ पर ‘देश’ लिखकर एक चार्ट पर लगाइए। फिर एक-एक विद्यार्थी अपनी भाषा में उसका उच्चारण करके सुनाए। अंत में गिनिए — कितने शब्दों में ‘द’ की ध्वनि सुनाई दी?