प्र1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? 1. “एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई”, इस पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘दरार’ किस ओर संकेत करता है? (क) पूर्णता के भाव की तुष्टि (ख) पारस्परिक संबंध टूटने की स्थिति (ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार (घ) सुख-सुविधाओं का अभाव
उत्तर
सटीक उत्तर — (ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार।
यह उत्तर क्यों उपयुक्त है: ‘दीवार’ यहाँ ईंट-गारे की नहीं है। लेखक स्वयं आगे स्पष्ट कर देता है — “यह दीवार थी मानसिक विचारों की; इसलिए यह भूकंप भी किसी प्रांत या प्रदेश में नहीं उठा, मेरे मानस में ही उठा था।” जिस विचार की यह दीवार थी, वह था अपनी पूर्णता का भाव — “मैं समझ रहा था कि मैं अपने में अब पूरा हो गया हूँ, पूरा फैल गया हूँ, पूरा मनुष्य हो गया हूँ… वाह कैसी सुंदर, कैसी संगठित और कैसी पूर्ण है मेरी स्थिति!” लाला लाजपत राय के एक वाक्य ने इसी भाव को तोड़ दिया — “वह अनुभव ही तो वह भूकंप था, जिसने मेरी पूर्णता को एक ही ठसक में अपूर्णता की कसक से भर दिया।” अतः ‘दरार’ पूर्णता के भाव पर पड़ी चोट का प्रतीक है।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| (क) पूर्णता के भाव की तुष्टि | ग़लत | ‘तुष्टि’ का अर्थ है संतोष, तृप्ति। दरार पड़ने से संतोष बढ़ा नहीं, टूटा। दरार के तुरंत बाद लेखक कहता है — “मेरी स्थिति एकदम हीन है”। यह तुष्टि का नहीं, अतृप्ति का वाक्य है। |
| (ख) पारस्परिक संबंध टूटने की स्थिति | ग़लत | ‘दरार’ शब्द का यह लाक्षणिक अर्थ होता तो है (पुस्तक ने ‘व्याकरण की बात’ में यही उदाहरण भी दिया है — “उनके संबंधों में दरार पड़ गई”), पर इस पंक्ति में लेखक का किसी से संबंध नहीं टूटा। उसका नगर, पड़ोस, घर सब ज्यों-का-त्यों है; टूटा केवल उसका आत्म-संतोष है। |
| (ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार | सही ✓ | दीवार = पूर्णता का मानसिक भाव; भूकंप = लालाजी का अनुभव; दरार = उस भाव पर पड़ी चोट। तीनों कड़ियाँ पाठ में शब्दशः मौजूद हैं। |
| (घ) सुख-सुविधाओं का अभाव | ग़लत | सुविधाओं का अभाव था ही नहीं। लेखक कहता है — “ममता, सहारा, ज्ञान और आनंद के उपहार पाकर भी…”। यानी सब कुछ पाकर भी वह हीन अनुभव कर रहा है — कमी साधनों की नहीं, गौरव की है। |
ध्यान दीजिए: निबंध की पूरी रचना ही रूपक पर टिकी है — दीवार (पूर्णता का भाव) → भूकंप (लालाजी का अनुभव) → दरार (आत्म-गौरव पर चोट)। तीनों को अलग-अलग नहीं, एक शृंखला के रूप में पढ़िए, तभी उत्तर स्वयं खुल जाता है।