गंगा अध्याय 7 व्याकरण की बात

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
‘दरार’, ‘गाँठ’ और ‘पानी’ शब्दों के प्रयोग को देखिए — ये संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ देते हैं। अब अपनी पाठ्यपुस्तक में से ऐसे अन्य शब्द छाँटकर लिखिए जो संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ देते हों।
उत्तर

पहले पुस्तक के दिए हुए तीन शब्दों को एक साथ देख लीजिए, फिर पाठ्यपुस्तक से छाँटे हुए दस और शब्द नीचे तालिका में हैं।

शब्दशाब्दिक/मूल अर्थदूसरा (लाक्षणिक) अर्थ — और पाठ्यपुस्तक का संदर्भ
दरार
(पुस्तक में दिया हुआ)
दीवार में पड़ी चटक/तरेड़/फाँक/टूटन — “क्या कोई भूकंप आया था, जिससे दीवार में दरार पड़ गई।”संबंधों या भावों में पड़ी फूट — “एक दिन आनंद की इस दीवार में एक दरार पड़ गई।”; “भेदभाव की भावना सामाजिक एकता में दरार डालती है।”
गाँठ
(पुस्तक में दिया हुआ)
धागे-रस्सी का बंधन — “माला गूँथते समय धागे के एक सिरे पर गाँठ बाँध दीजिए।”जोड़ने वाला अदृश्य बंधन — “वह गाँठ इतनी साफ है, जो नागरिक और देश को एक साथ बाँधती है।”
पानी
(पुस्तक में दिया हुआ)
जल — “बहुत प्यास लगी है, पानी दीजिए।”(i) लज्जा — “वह पानी-पानी हो गया।” (ii) बहुतायत — “चारों ओर पानी-पानी हो गया।” (iii) इज्जत/तेज — “इनका तो पानी ही उतर चुका है।”
सिर / मस्तकशरीर का अंगमान-सम्मान — “एक युवक ने अपने काम से अपने देश का सिर ऊँचा किया था, वहीं एक युवक ने अपने देश के मस्तक पर कलंक का टीका लगाया।” (मैं और मेरा देश)
माथाललाटप्रतिष्ठा का स्थान — “भारतवर्ष की गुलामी की लज्जा का कलंक मेरे माथे पर लगा रहा।”
आँखदेखने की इंद्रियराय, दृष्टिकोण — “जाने कितने वर्षों तक संसार की आँखों में उसे लांछित करता रहा।”
हाथशरीर का अंग — “जीवन कोई आपके हाथ की गुड़िया थोड़े ही है”(i) द्वारा/माध्यम — “आपके हाथों देश के सामूहिक मानसिक बल का ह्रास हो रहा है।” (ii) खो देना — “उससे भिड़ना जान से हाथ धोना है।” (दो बैलों की कथा)
मुँहशरीर का अंग — “तीसरी उँगली शहद में भरकर बूढ़े के मुँह में दे दी”कहना, बोल पड़ना — “उनके मुँह से निकला— जापान में शायद अच्छे फल नहीं मिलते!”
नाकशरीर का अंग — “उस निर्दयी ने हीरा की नाक पर खूब डंडे जमाए।” (दो बैलों की कथा)इज्जत, प्रतिष्ठा — ‘नाक कटना’, ‘नाक ऊँची रखना’।
दीपक / दीपजलने वाला दियाबलिदान और गौरव का प्रतीक — “जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए और… उन दीपकों को बुझने से बचाते रहे।”
भूकंपधरती का काँपनाभीतरी उथल-पुथल — “यह भूकंप भी किसी प्रांत या प्रदेश में नहीं उठा, मेरे मानस में ही उठा था।”
तरेड़दरार (शब्द-संपदा का अर्थ)संदेह की हल्की रेखा — “कर्ण के सघन आत्मविश्वास में संदेह की तरेड़ डाल दी।”
मानसमन, चित्त(i) मानसरोवर (झील) (ii) रामचरितमानस (ग्रंथ) — शब्द-संपदा में तीनों अर्थ एक साथ दिए गए हैं।
बातकथन, वाक्य — “उसने यह शब्द सुन लिए… अपनी बात बीच में छोड़कर भागा”विषय/प्रसंग जो बढ़ता या खिलता है — “यह बात को खिलने का, आगे बढ़ने का अवसर देता है।”
यह कैसे होता है — भाषा का नियम: जब कोई शब्द अपने मूल (अभिधा) अर्थ से हटकर किसी समानता या संबंध के कारण नया अर्थ देने लगता है, तब उसे लक्षणा कहते हैं। ‘दीवार में दरार’ मूल अर्थ है; ‘आनंद की दीवार में दरार’ लक्षणा है — क्योंकि दोनों में समानता यह है कि जो अखंड लगता था, वह टूट गया। इसी तरह ‘सिर’ ऊँचाई का अंग है, इसलिए वह सम्मान का प्रतीक बन गया।
Try This: एक शब्द चुनिए — जैसे ‘आग’ — और तीन वाक्य बनाइए जिनमें उसका अर्थ बदलता जाए। (1) चूल्हे में आग जल रही है। (2) उसके भाषण में आग थी। (3) दोनों दलों के बीच आग लगाने का काम अफ़वाहों ने किया। यही अभ्यास ‘बल’, ‘रंग’, ‘चाल’, ‘पेट’ और ‘मिट्टी’ के साथ भी कीजिए।
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