प्र1.
1. पठित पदों में से संज्ञा और सर्वनाम के तीन-तीन उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर
संज्ञा के तीन उदाहरण — राम, चंदन, दीपक।
सर्वनाम के तीन उदाहरण — तुम, हम, मैं।
नीचे इन्हें पद की पंक्ति के साथ और भेद बताकर दिया गया है, ताकि पहचान का आधार भी स्पष्ट हो जाए —
संज्ञा (किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम) —
| संज्ञा | पद की पंक्ति | भेद |
|---|---|---|
| राम | “अब कैसे छूटै राम रट लागी।” | व्यक्तिवाचक संज्ञा |
| चंदन | “प्रभु जी तुम चंदन हम पानी” | जातिवाचक संज्ञा |
| दीपक | “प्रभु जी तुम दीपक, हम बाती” | जातिवाचक संज्ञा |
| मोती | “प्रभु जी तुम मोती, हम धागा” | जातिवाचक संज्ञा |
| रैदास | “ऐसी भगति करै रैदासा।” | व्यक्तिवाचक संज्ञा |
| भगति (भक्ति) | “ऐसी भगति करै रैदासा।” | भाववाचक संज्ञा |
| तीरथ / बरत | “तीरथ बरत न करूँ अंदेसा” | जातिवाचक संज्ञा |
सर्वनाम (संज्ञा के स्थान पर आने वाला शब्द) —
| सर्वनाम | पद की पंक्ति | भेद |
|---|---|---|
| तुम | “प्रभु जी तुम चंदन हम पानी” | पुरुषवाचक — मध्यम पुरुष |
| हम | “प्रभु जी तुम दीपक, हम बाती” | पुरुषवाचक — उत्तम पुरुष |
| मैं | “मैं अपनो मन हरि से जोरौ” | पुरुषवाचक — उत्तम पुरुष |
| जो | “जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ” | संबंधवाचक सर्वनाम |
| कवन (कौन) | “तुम सौ तोरि कवन सौं जोरौ।” | प्रश्नवाचक सर्वनाम |
| अपनो (अपना) | “मैं अपनो मन हरि से जोरौ” | निजवाचक सर्वनाम |
| जाकी (जिसकी) | “जाकी अंग-अंग बास समानी।” | संबंधवाचक सर्वनाम |
पहचानने का तरीक़ा: जिस शब्द के आगे ‘का/की/के’ लगाकर या ‘कौन-सा?’ पूछकर कोई नाम मिल जाए, वह संज्ञा है। और जो शब्द किसी नाम की जगह खड़ा हो — जैसे ‘रैदास’ की जगह ‘मैं’, ‘प्रभु’ की जगह ‘तुम’ — वह सर्वनाम है। इन पदों में यह बात बहुत साफ़ दिखती है: पहली पंक्ति में नाम ‘राम’ आता है, फिर पूरे पद में उसी के लिए ‘तुम’ चलता रहता है।