प्र1.
“अति रिस बोले बचन कठोरा। कहु जड़ जनक धनुष कै तोरा॥” — नीचे ‘धनुष’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। इनके अतिरिक्त यदि आप धनुष शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर
पहले पुस्तक की दी हुई सूची को तालिका के रूप में देख लीजिए, ताकि पढ़ना आसान हो जाए —
| भाषा | ‘धनुष’ के लिए शब्द |
|---|---|
| हिंदी | कमान |
| संस्कृत | धनुः, चापम् |
| पंजाबी | धणुख |
| उर्दू | कमान (क़ौस) |
| कश्मीरी | कमान |
| सिंधी | धनुषु, कमानु |
| मराठी | धनुष्य |
| गुजराती | धनुष, कामठुं |
| कोंकणी | धनुश |
| नेपाली | धनु |
| बांग्ला | धनुक |
| असमिया | धनु |
| मणिपुरी | लिरुर् |
| ओड़िआ | धनुष, धनु, कार्मुक |
| तेलुगू | धनुस्सु, विल्लु |
| तमिल | विल् |
| मलयालम | धनुस्सुं, विल्लुँ |
| कन्नड़ | बिल्लु, धनुष |
इनके अतिरिक्त कुछ और भाषाओं/बोलियों के शब्द
| भाषा / बोली | ‘धनुष’ के लिए शब्द |
|---|---|
| अवधी (इसी पाठ की भाषा) | धनु, धनुष; और छोटे धनुष के लिए — धनुही |
| भोजपुरी | धनुष, कमान |
| मैथिली | धनुख |
| ब्रजभाषा | धनुष, कमान, चाप |
| राजस्थानी / हरियाणवी | कमान, धनख |
| अंग्रेज़ी | Bow (बो) |
तालिका देखकर क्या दिखाई देता है — तीन बातें
- दो बड़े परिवार साफ़ अलग दिखते हैं। उत्तर भारत की भाषाओं में संस्कृत के ‘धनुः’ से बने रूप चलते हैं — धनु, धनुक, धनुख, धनुष्य, धनुषु। और दक्षिण भारत की भाषाओं में द्रविड़ मूल का ‘विल्’ चलता है — विल् (तमिल), विल्लु (तेलुगू), विल्लुँ (मलयालम), बिल्लु (कन्नड़)। यह भारत की दो भाषा-परिवारों वाली संरचना का सुंदर प्रमाण है।
- दक्षिण की भाषाओं में दोनों रूप साथ-साथ मिलते हैं। तेलुगू में ‘धनुस्सु’ भी है और ‘विल्लु’ भी; कन्नड़ में ‘बिल्लु’ भी है और ‘धनुष’ भी। यानी भाषाएँ एक-दूसरे से शब्द लेती-देती रही हैं।
- ‘कमान’ फ़ारसी से आया शब्द है और वह हिंदी, उर्दू, कश्मीरी, सिंधी — सबमें पहुँच गया है। इसी तरह अरबी का ‘क़ौस’ भी उर्दू में मिलता है। इससे पता चलता है कि भारतीय भाषाओं ने केवल संस्कृत से नहीं, फ़ारसी-अरबी से भी शब्द लिए हैं।
करके देखिए: पुस्तक ने बॉक्स के नीचे भारतवाणी के शब्दकोश का लिंक दिया है (gov.in/lexicon.jsp)। वहाँ जाकर आप ‘धनुष’ जैसे किसी और शब्द — जैसे ‘क्रोध’, ‘राजा’ या ‘माता’ — के रूप अनेक भारतीय भाषाओं में देख सकते हैं और एक अपनी तालिका बना सकते हैं। यह भाषा-विज्ञान की एक बहुत अच्छी परियोजना बनेगी।