प्र1.
सर्वतः कस्याः संस्थापकं संस्कृतम् ?
उत्तर
उत्तरम् — संस्कृतं सर्वतः शान्तेः संस्थापकम् अस्ति। (हिन्दी — संस्कृत सब ओर शान्ति की स्थापना करने वाली है।)
पाठ की पंक्ति — सर्वतः शान्तिसंस्थापकं संस्कृतम् (श्लोक ३)
विग्रह — शान्तेः संस्थापकम्
‘कस्याः’ = स्त्रीलिङ्ग · षष्ठी · एकवचन
‘शान्तिः’ इकारान्त स्त्रीलिङ्ग → षष्ठी एकवचन शान्तेः (मति → मतेः इव)
विग्रह — शान्तेः संस्थापकम्
‘कस्याः’ = स्त्रीलिङ्ग · षष्ठी · एकवचन
‘शान्तिः’ इकारान्त स्त्रीलिङ्ग → षष्ठी एकवचन शान्तेः (मति → मतेः इव)
पूर्ण वाक्य कैसे बनाएँ: प्रश्न में जो शब्द हैं उन्हीं को उत्तर में लौटाइए और प्रश्नवाचक ‘कस्याः’ के स्थान पर उत्तर-पद रखिए, अन्त में क्रिया ‘अस्ति’ जोड़ दीजिए। यही ‘पूर्णवाक्येन उत्तरम्’ की सीधी विधि है — नया वाक्य गढ़ने की आवश्यकता नहीं।
पुस्तक का समर्थन: भावार्थ ३ कहता है — ‘संस्कृतं … सर्वत्रापि शान्तिं प्रतिष्ठापयति।’ अर्थात् ‘सर्वतः’ = सर्वत्र, हर ओर।