प्र1.
…………………… सम्पादकं संस्कृतम्।
उत्तर
उत्तरम् — भारतीयत्वसम्पादकं संस्कृतम्। (हिन्दी — संस्कृत भारतीयता को अर्जित कराने वाली है।)
कैसे पहचानें: ‘सम्पादकम्’ शब्द पूरे गीत में केवल एक बार आया है — श्लोक १ की दूसरी पंक्ति में। वहाँ उससे पहले भारतीयत्व है। रिक्तस्थान भरते समय सबसे सुरक्षित तरीका यही है : वाक्य में जो पद दिया है, उसे गीत में ढूँढ़िए और उसका जोड़ीदार पद उठा लीजिए।
शब्द-निर्माण: भारतीय + त्व = भारतीयत्वम् — ‘भारतीय होने का भाव’। इसी प्रत्यय से बन्धु + त्व = बन्धुत्वम् (श्लोक ३) भी बना है।