शारदा अध्याय 2 स्वाध्यायान्मा प्रमदः

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
छात्राः अभिभावकैः सह समीपस्थं वित्तकोषम् अथवा पत्रालयं गत्वा प्रधानमन्त्री-जनधनयोजना (PMJDY), सुकन्या-समृद्धि-योजना (SSY), सार्वजनिक-भविष्य-निधिः (PPF), वरिष्ठ-नागरिक-संचय-योजना (SCSS), किसान-विकास-पत्रम् (KVP), राष्ट्रिय-संचय-प्रमाणपत्रम् (NSC), राष्ट्रिय-पेंशन-योजना (NPS), नियतनिक्षेपः (FD), आवृत्तिनिक्षेपः (RD) चेत्यादियोजनानां विषये ज्ञानं प्राप्नुयुः। एकस्याः योजनायाः विषये टिप्पणीं च लिखेयुः।
उत्तर

इदं क्षेत्रकार्यम् (field work) अस्ति — उत्तरं पुस्तके न लभ्यते, स्वयं गत्वा एव प्राप्तव्यम्। (हिन्दी — यह क्षेत्र-कार्य है; इसका उत्तर पुस्तक में नहीं, स्वयं जाकर पाना है। नीचे विधि, अपेक्षित बिन्दु तथा एक पूरा नमूना उत्तर दिया गया है।)

कार्यविधिः (कैसे करें) —

  1. अभिभावकैः सह समीपस्थं वित्तकोषं (बैंक) अथवा पत्रालयं (डाकघर) गच्छत। (माता-पिता या अभिभावक के साथ ही जाएँ।)
  2. तत्रत्यान् अधिकारिणः विनयेन पृच्छत — कः अस्याः योजनायाः पात्रः ? न्यूनतमं धनं कियत् ? वृद्ध्यंशः कियान् ? अवधिः का ? आयकरे किं लाभः ? धनं मध्ये निष्कासितुं शक्यते वा ?
  3. योजनायाः पत्रकम् (brochure) गृह्णीत; तत्र मुद्रिताः सूचनाः एव प्रामाणिकाः।
  4. गृहम् आगत्य एकस्याः योजनायाः विषये संस्कृतभाषया दश-द्वादश-वाक्यात्मिकां टिप्पणीं लिखत, शिक्षकाय च दर्शयत।
अच्छी टिप्पणी में ये छह बातें अवश्य हों: (१) योजनायाः नाम तथा संक्षेपः, (२) कः आरब्धुं शक्नोति (पात्रता), (३) न्यूनतमः-अधिकतमः निक्षेपः, (४) वृद्ध्यंशः तथा अवधिः, (५) प्रमुखः लाभः, (६) स्वस्य मतम् — इयं योजना कस्मै उपयुक्ता।

नमूना उत्तर (आदर्शा टिप्पणी) — सुकन्या-समृद्धि-योजना

सुकन्या-समृद्धि-योजना (SSY) भारतसर्वकारस्य एका बचतयोजना अस्ति। इयं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ इति अभियानस्य अङ्गरूपेण प्रवर्तिता। दशवर्षात् न्यूनवयस्कायाः बालिकायाः नाम्ना अस्याः खाता पत्रालये वित्तकोषे वा उद्घाटयितुं शक्यते। एकस्मिन् वर्षे न्यूनतमं ₹250 अधिकतमं च ₹1,50,000 निक्षेप्तुं शक्यते। पञ्चदशवर्षपर्यन्तं निक्षेपः करणीयः, खाता तु एकविंशतिवर्षेषु परिपक्वा भवति। अस्यां योजनायां चक्रवृद्ध्यंशः लभ्यते, अतः लघुः अपि सञ्चयः कालान्तरेण महती सम्पत्तिः भवति। बालिकायाः उच्चशिक्षायै विवाहाय वा एतत् धनं महते उपकाराय भवति। आयकरे अपि अस्याः छूटः लभ्यते। मम मतेन प्रत्येकस्मिन् गृहे यत्र बालिका अस्ति, तत्र इयं योजना अवश्यम् आरब्धव्या।

(हिन्दी अनुवाद — सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की एक बचत योजना है। यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंग के रूप में चलाई गई। दस वर्ष से कम आयु की बालिका के नाम से इसका खाता डाकघर या बैंक में खोला जा सकता है। एक वर्ष में कम से कम ₹250 और अधिक से अधिक ₹1,50,000 जमा किए जा सकते हैं। पन्द्रह वर्ष तक जमा करना होता है, खाता इक्कीस वर्ष में परिपक्व होता है। इसमें चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है, इसलिए छोटी बचत भी समय के साथ बड़ी सम्पत्ति बन जाती है। बालिका की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए यह धन बड़े काम आता है। आयकर में भी छूट मिलती है। मेरे विचार से जिस घर में बालिका है, वहाँ यह योजना अवश्य आरम्भ करनी चाहिए।)

ध्यान दें: ब्याज-दर, न्यूनतम राशि तथा नियम सरकार समय-समय पर बदलती है। अतः टिप्पणी में वही आँकड़े लिखिए जो आपको बैंक/डाकघर के अधिकारी या ब्रोशर से आज मिले हों, और साथ में तिथि भी लिख दीजिए। यही ‘स्वाध्याय’ की ईमानदारी है।
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