इदं क्षेत्रकार्यम् (field work) अस्ति — उत्तरं पुस्तके न लभ्यते, स्वयं गत्वा एव प्राप्तव्यम्। (हिन्दी — यह क्षेत्र-कार्य है; इसका उत्तर पुस्तक में नहीं, स्वयं जाकर पाना है। नीचे विधि, अपेक्षित बिन्दु तथा एक पूरा नमूना उत्तर दिया गया है।)
कार्यविधिः (कैसे करें) —
- अभिभावकैः सह समीपस्थं वित्तकोषं (बैंक) अथवा पत्रालयं (डाकघर) गच्छत। (माता-पिता या अभिभावक के साथ ही जाएँ।)
- तत्रत्यान् अधिकारिणः विनयेन पृच्छत — कः अस्याः योजनायाः पात्रः ? न्यूनतमं धनं कियत् ? वृद्ध्यंशः कियान् ? अवधिः का ? आयकरे किं लाभः ? धनं मध्ये निष्कासितुं शक्यते वा ?
- योजनायाः पत्रकम् (brochure) गृह्णीत; तत्र मुद्रिताः सूचनाः एव प्रामाणिकाः।
- गृहम् आगत्य एकस्याः योजनायाः विषये संस्कृतभाषया दश-द्वादश-वाक्यात्मिकां टिप्पणीं लिखत, शिक्षकाय च दर्शयत।
नमूना उत्तर (आदर्शा टिप्पणी) — सुकन्या-समृद्धि-योजना
(हिन्दी अनुवाद — सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की एक बचत योजना है। यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंग के रूप में चलाई गई। दस वर्ष से कम आयु की बालिका के नाम से इसका खाता डाकघर या बैंक में खोला जा सकता है। एक वर्ष में कम से कम ₹250 और अधिक से अधिक ₹1,50,000 जमा किए जा सकते हैं। पन्द्रह वर्ष तक जमा करना होता है, खाता इक्कीस वर्ष में परिपक्व होता है। इसमें चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है, इसलिए छोटी बचत भी समय के साथ बड़ी सम्पत्ति बन जाती है। बालिका की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए यह धन बड़े काम आता है। आयकर में भी छूट मिलती है। मेरे विचार से जिस घर में बालिका है, वहाँ यह योजना अवश्य आरम्भ करनी चाहिए।)