प्र1.
देशभक्तानां जीवनं राष्ट्राय समर्पितं भवति। (सत्यम् / असत्यम्)
उत्तर
सत्यम्। (हिन्दी — यह वाक्य सत्य है।)
पाठ-प्रमाणम् — “अतः सः नवमीं कक्षाम् अपि पूर्णां कर्तुं न शक्तवान्। यतोहि देशभक्तानां जीवनं राष्ट्राय समर्पितं भवति।”
क्यों सत्य: यह वाक्य पाठ में शब्दशः विद्यमान है और खुदीराम के जीवन से सिद्ध भी होता है — उन्होंने पढ़ाई, सुख, यहाँ तक कि जीवन भी राष्ट्र के लिए त्याग दिया। ‘राष्ट्राय’ में चतुर्थी है — «तादर्थ्ये चतुर्थी» अर्थात् ‘राष्ट्र के लिए’।