शारदा अध्याय 4 अभ्यासाद् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
अधः प्रदत्तानि पदानि आधृत्य चित्रं दृष्ट्वा पञ्च वाक्यानि लिखत — उद्यानं, गृहाणि, पक्षिणः, पुष्पाणि, स्वच्छता, द्विचक्रिका, पर्वतः, वृक्षाः, सूर्यः, मेघाः।
उत्तर

चित्रे किं किम् अस्ति (पुस्तकस्थस्य चित्रस्य वर्णनम्) — पुस्तक के चित्र में एक हरा-भरा खुला उद्यान है। पीछे ऊँचा पर्वत और उससे गिरता जलप्रपात है; दाहिनी ओर छोटे-छोटे गृह (गाँव के घर) दिखते हैं। आकाश में सूर्य, श्वेत मेघ और उड़ते पक्षी हैं। सामने बालक-बालिकाएँ खेल रहे हैं — कोई कन्दुक (फुटबॉल) से, कोई चटकक्रीडा (बैडमिंटन) से; एक बालक द्विचक्रिका चला रहा है और एक बालिका चक्रयुक्त आसन्दी (व्हील-चेयर) पर बैठी खेल देख रही है। नीचे लाल पुष्प, तितलियाँ और स्वच्छ हरी घास है।

पञ्च वाक्यानि (आदर्श उत्तरम्) —

(क) चित्रे एकम् अतीव रमणीयम् उद्यानम् अस्ति, यत्र बालकाः बालिकाः च आनन्देन क्रीडन्ति।
(ख) उद्याने बहूनि रक्तवर्णानि पुष्पाणि विकसितानि सन्ति, हरिताः वृक्षाः च शोभन्ते।
(ग) पृष्ठभागे उन्नतः पर्वतः दृश्यते, तस्य समीपे च ग्रामस्य लघूनि गृहाणि सन्ति।
(घ) आकाशे सूर्यः प्रकाशते, श्वेताः मेघाः सञ्चरन्ति, पक्षिणः च उड्डयन्ते।
(ङ) एकः बालकः द्विचक्रिकाम् आरुह्य चलति, एका बालिका च चक्रासन्द्याम् उपविश्य क्रीडां पश्यति; सर्वत्र स्वच्छता विद्यते इति चित्रस्य विशेषता।

(हिन्दी अर्थ — (क) चित्र में एक बहुत सुन्दर उद्यान है, जहाँ लड़के और लड़कियाँ आनन्द से खेल रहे हैं। (ख) उद्यान में बहुत-से लाल फूल खिले हैं और हरे वृक्ष शोभा दे रहे हैं। (ग) पीछे ऊँचा पर्वत दिखाई देता है और उसके पास गाँव के छोटे-छोटे घर हैं। (घ) आकाश में सूर्य चमक रहा है, सफ़ेद बादल घूम रहे हैं और पक्षी उड़ रहे हैं। (ङ) एक बालक साइकिल चला रहा है और एक बालिका पहियेदार कुर्सी पर बैठकर खेल देख रही है; सब ओर स्वच्छता है — यही चित्र की विशेषता है।)

अच्छे चित्रवर्णन में क्या होना चाहिए: (१) मञ्जूषा के सभी पद प्रयुक्त हों — ऊपर दस के दस आ गए हैं; (२) वाक्य वर्तमानकाल (लट्-लकार) में हों, क्योंकि चित्र का वर्णन ‘अभी दिख रहा है’ के भाव में होता है; (३) कर्ता-क्रिया का वचन मिले — ‘पुष्पाणि विकसितानि सन्ति’ (बहुवचन), ‘सूर्यः प्रकाशते’ (एकवचन); (४) क्रम ऐसा हो — पहले पूरा दृश्य, फिर विस्तार, अन्त में विशेष बात।
उपयोगी शब्द (यदि और वाक्य लिखने हों): जलप्रपातः (झरना), कन्दुकक्रीडा (फुटबॉल), चटकक्रीडा (बैडमिंटन), चित्रपतङ्गः/शलभः (तितली), हरितं तृणम् (हरी घास), शुद्धः वायुः, प्राकृतिकसौन्दर्यम्। एक भावपूर्ण अन्तिम वाक्य भी जोड़ा जा सकता है — “दिव्याङ्गा अपि बालिका क्रीडायाम् उत्साहेन भागं गृह्णाति — इदम् एव समावेशस्य सन्देशः।” (दिव्यांग बालिका भी उत्साह से खेल में सम्मिलित है — यही समावेशिता का सन्देश है।)
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ