शारदा अध्याय 5 अभ्यासाद् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
एतत् चित्रम् आधारीकृत्य संस्कृतभाषायां पञ्च वाक्यानि रचयत — (क) …… (ख) …… (ग) …… (घ) …… (ङ) ……
उत्तर

चित्रे किं दृश्यते (पृष्ठ ६४) — एका आधुनिका प्रयोगशाला (कृतकबुद्धि-केन्द्रम्) अस्ति। तस्याः वामभागे एकः श्वेतवर्णः यन्त्रमानवः (robot) तिष्ठति। तस्य सम्मुखे एकः वैज्ञानिकः (चश्मधारी पुरुषः) उपविश्य तेन सह वार्तां करोति। पृष्ठभागे द्वौ छात्रौ सङ्गणकयन्त्रयोः कार्यं कुरुतः। भित्तिषु ‘AI’ इति लिखितानि नीलानि पटलानि, आलेखाः, मस्तिष्कस्य चित्रं च दृश्यन्ते।

नमूना उत्तर (आदर्शम् उत्तरम्) — पञ्च वाक्यानि —

(क) इदं कृतकबुद्धेः प्रयोगशालायाः चित्रम् अस्ति।
(ख) अत्र एकः श्वेतवर्णः यन्त्रमानवः वैज्ञानिकस्य सम्मुखे तिष्ठति।
(ग) वैज्ञानिकः यन्त्रमानवेन सह संस्कृतभाषया वार्तां करोति।
(घ) पृष्ठभागे द्वौ छात्रौ सङ्गणकयन्त्रयोः दत्तांशं पश्यतः।
(ङ) भित्तौ ‘कृतकबुद्धिः’ इति आलेखाः चित्राणि च प्रदर्शितानि सन्ति।

(हिन्दी — (क) यह कृतकबुद्धि की प्रयोगशाला का चित्र है। (ख) यहाँ एक सफ़ेद रंग का यन्त्रमानव वैज्ञानिक के सामने खड़ा है। (ग) वैज्ञानिक यन्त्रमानव से संस्कृत भाषा में बातचीत कर रहा है। (घ) पीछे की ओर दो छात्र कम्प्यूटर पर आँकड़े देख रहे हैं। (ङ) दीवार पर ‘कृतकबुद्धि’ सम्बन्धी आलेख तथा चित्र प्रदर्शित हैं।)

अन्यानि वाक्यानि (विकल्परूपेण प्रयोक्तुं शक्यन्ते) —

  • अद्यत्वे यन्त्राणि मानववत् चिन्तयन्ति, वदन्ति च।
  • यन्त्रमानवः मनुष्यस्य सहायकः अस्ति, न तु तस्य स्वामी।
  • छात्राः कृतकबुद्ध्याः साहाय्येन नूतनं ज्ञानम् अर्जयन्ति।
  • एतत् चित्रं दृष्ट्वा वयं वदामः — ‘एषा सा कृतकबुद्धिः मानवबुद्धेः सहकरी।’
  • अत्र यन्त्रं मानवः च मिलित्वा कार्यं कुरुतः।
चित्रवर्णन की विधि (यही सीखने योग्य है): पाँच वाक्य पाँच अलग-अलग बातों पर लिखिए, एक ही बात पाँच बार नहीं। क्रम यह रखिए — १. यह किसका चित्र है (परिचय) → २. मुख्य पात्र कौन है और कहाँ है (स्थान-वर्णन) → ३. वह क्या कर रहा है (क्रिया) → ४. पृष्ठभूमि में क्या है (विस्तार) → ५. इससे क्या सन्देश मिलता है (निष्कर्ष)। अन्तिम वाक्य में पाठ का शीर्षक या कोई सूत्रवाक्य जोड़ दीजिए — इससे उत्तर पूरा भी दिखता है और पाठ से जुड़ा भी।
शुद्धता की चार जाँचें: (१) कर्ता-क्रिया का वचन मिले — एक के लिए ‘तिष्ठति’, दो के लिए ‘तिष्ठतः’, बहुतों के लिए ‘तिष्ठन्ति’। चित्र में दो छात्र हैं, इसलिए द्विवचन — ‘छात्रौ … पश्यतः’। (२) विशेषण-विशेष्य का लिङ्ग-वचन-विभक्ति मिले — ‘श्वेतवर्णः यन्त्रमानवः’। (३) ‘सह’ के योग में तृतीया — ‘यन्त्रमानवेन सह’। (४) स्थान बताने में सप्तमी — ‘भित्तौ’, ‘पृष्ठभागे’, ‘सम्मुखे’। ये चार जाँच लगा लेने पर वाक्य प्रायः शुद्ध निकलते हैं।
उपयोगी शब्द-भण्डार: यन्त्रमानवः (robot) · सङ्गणकयन्त्रम् (computer) · पटलम् (screen) · प्रयोगशाला (laboratory) · वैज्ञानिकः · दत्तांशः (data) · आलेखः (chart) · भित्तिः (दीवार) · सम्मुखे (सामने) · पृष्ठभागे (पीछे) · उपविष्टः (बैठा हुआ) · तिष्ठति (खड़ा है)।
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