उत्तरम् — लोकः श्रेष्ठस्य (जनस्य) आचरणम् अनुकरोति।
(हिन्दी — समाज श्रेष्ठ पुरुष के आचरण का अनुकरण करता है।)
तथा — स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते
प्रश्न ‘कस्य’ = षष्ठी · एकवचन → उत्तर भी षष्ठी में — श्रेष्ठस्य
अद्यतन2026-09-06
उत्तरम् — लोकः श्रेष्ठस्य (जनस्य) आचरणम् अनुकरोति।
(हिन्दी — समाज श्रेष्ठ पुरुष के आचरण का अनुकरण करता है।)
उत्तरम् — सत्यपूता वाणी वक्तव्या।
(हिन्दी — सत्य से पवित्र की हुई वाणी बोलनी चाहिए।)
उत्तरम् — लक्ष्मीः उद्योगिनं पुरुषसिंहम् उपैति।
(हिन्दी — लक्ष्मी उद्यमी, सिंह जैसे पराक्रमी पुरुष के पास जाती है।)
उत्तरम् — उत्तमजनाः कार्यं प्रारभ्य विघ्नैः पुनः पुनः प्रतिहन्यमानाः अपि तत् कार्यं न परित्यजन्ति।
(हिन्दी — उत्तम लोग काम आरम्भ करके, विघ्नों से बार-बार रोके जाने पर भी, उस काम को नहीं छोड़ते।)
उत्तरम् — धृतिः, क्षमा, दमः, अस्तेयम्, शौचम्, इन्द्रियनिग्रहः, धीः, विद्या, सत्यम्, अक्रोधः च — एतानि दश धर्मस्य लक्षणानि सन्ति।
(हिन्दी — धैर्य, क्षमा, संयम, चोरी न करना, पवित्रता, इन्द्रियनिग्रह, बुद्धि, विद्या, सत्य तथा अक्रोध — ये दस धर्म के लक्षण हैं।)
उत्तरम् — सकलाः कलाः अभ्यासात् सिध्यन्ति।
(हिन्दी — सारी कलाएँ अभ्यास से सिद्ध होती हैं।)
उत्तरम् — सम्पदः विमृश्यकारिणं (पुरुषं) वृणते।
(हिन्दी — सम्पत्तियाँ सोच-विचारकर काम करने वाले पुरुष का वरण करती हैं।)