उत्तरम् — ये शब्दाः केवलं बहुवचने एव प्रयुज्यन्ते, एकवचने द्विवचने वा न प्रयुज्यन्ते, ते नित्यबहुवचनान्तशब्दाः कथ्यन्ते। यद्यपि अर्थः एकवचनस्य इव भवति, तथापि रूपं सदा बहुवचनान्तम् एव भवति।
(हिन्दी — जो शब्द सदा बहुवचन में ही प्रयुक्त होते हैं, एकवचन या द्विवचन में नहीं, वे ‘नित्यबहुवचनान्त शब्द’ कहलाते हैं। अर्थ भले एक वस्तु का हो, रूप सदा बहुवचन का ही रहेगा।)
| क्रमः | शब्दः | English | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|---|
| १ | आपः | Water | जल — यही शब्द पाठ के श्लोक में आया है |
| २ | दाराः | Wife | पत्नी |
| ३ | लाजाः | Puffed Rice | खील, लावा |
| ४ | अक्षतानि | Rice-grains | अक्षत, साबुत चावल |
| ५ | गृहाः | Wife / House | घर (पुंलिङ्ग में नित्यबहुवचन) |
| ६ | प्राणाः | Life-force | प्राण |
| ७ | असवः | Life-force | प्राण, जीवनशक्ति |
| ८ | वर्षाः | Rain | वर्षा |
| ९ | समाः | Rain | वर्षा / वर्ष |
| १० | सिकताः | Sand | बालू, रेत |
| ११ | कति | How many | कितने |
| १२ | यति | As many | जितने |
| १३ | तति | So many | उतने |
| १४ | त्रि-आरभ्य संख्याः | Numbers from three onwards | त्रयः / तिस्रः / त्रीणि, चत्वारः / चतस्रः / चत्वारि, पञ्च, षट् इत्यादि |
श्लोक-सम्बन्धी उत्तरम् — ‘आदित्यचन्द्रावनिलोऽनलश्च द्यौर्भूमिरापो हृदयं यमश्च’ इति श्लोके आपः इति शब्दः बहुवचने अस्ति; अनिलः, अनलः, द्यौः, भूमिः इति शब्दाः तु एकवचने विद्यन्ते। कारणम् — ‘आपः’ नित्यबहुवचनान्तः शब्दः, अतः जलम् एकम् एव सत् अपि तस्य रूपं बहुवचनम् एव भवति।