प्र1.
प्रस्तुते पाठे पितापुत्रयोः संवादः अस्ति — ………
उत्तर
उत्तरम् — सत्यम्। (यह वाक्य पुस्तक में उदाहरण के रूप में स्वयं भरा हुआ है।)
क्यों सत्य: पूरा पाठ आद्योपान्त दो व्यक्तियों की बातचीत है — बाईं ओर ‘भृगुः’ और ‘वरुणः’ लिखा है और उनके आगे उनका कथन। और ये दोनों पिता-पुत्र ही हैं : पहले ही वाक्य में लिखा है — ‘वरुणस्य पुत्रः भृगुः सविनयं पितरं प्रति गत्वा निवेदयति’ (पृ. ९२)। इसके अतिरिक्त पाठ-परिचय भी कहता है — ‘अस्मिन् पाठे वयम् पितापुत्रयोः भृगुवरुणयोः संवादं पठिष्यामः।’
व्याकरण: ‘पितापुत्रयोः’ — द्वन्द्व समास (पिता च पुत्रश्च = पितापुत्रौ), षष्ठी द्विवचन। ‘संवादः’ के साथ बोलने वाले सदा षष्ठी में आते हैं — ‘पितापुत्रयोः संवादः’, ‘भृगुवरुणयोः संवादः’।