छह आधे ठीक एक पूर्ण संख्या पर पहुँचते हैं, कोई आधा नहीं बचता।
प्र.1 से तुलना कीजिए: माँ के 5 आधों में एक आधा बच गया था, इसलिए उत्तर मिश्रित संख्या था। राधिका के 6 आधे पूरी तरह जोड़ों में बँट गए, इसलिए उत्तर पूर्ण संख्या है।
प्र3.
दादीजी ने 1/2 पराठे के 7 भाग लिए। उन्होंने कितने पराठे खाए? पता लगाइए।
उत्तर
दादीजी ने 7/2 पराठे खाए, यानी 3 1/2 पराठे।
दादीजी ने 7 टुकड़े लिए, हर एक 1/2 पराठा, अत: उन्होंने 7/2 पराठे खाए।
तीन जोड़े मिलकर 3 पूरे पराठे बनते हैं और एक आधा बचता है।
अत: उन्होंने 3 1/2 पराठे खाए।
7 ÷ 2 = 3, शेष 1 7/2 = 3 + 1/2 = 3 1/2 पराठे
7/2 ठीक 3 और 4 के बीचोंबीच है।
स्वयं जाँचिए: 3 1/2 पराठे = 3 पूरे (6 आधे) + 1 आधा = 7 आधे ✓।
प्र4.
रमन ने 1/2 पराठे के 6 भाग खाए, दादाजी ने 1/2 पराठे के 7 भाग खाए और पिताजी ने 1/2 पराठे के 5 भाग खाए। प्रत्येक ने कितने पराठे खाए? संख्या-रेखा के उपयोग से उत्तर का पता लगाइए।
पृष्ठ 25 पर छपी तीनों संख्या-रेखाएँ। हर छोटा कदम आधा पराठा है।
पहले जोड़ क्यों: मेज़ पर आया हर टुकड़ा किसी उसी पराठे से आया जिसे रमन के पिताजी ने काटा। यदि हमें पता हो कि कुल कितने आधे परोसे गए तो पराठों की संख्या भी पता चल जाती है, क्योंकि हर पराठे से ठीक 2 आधे बने।