कक्षा ५ गणित अध्याय 2 आइए करके देखें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
3 या 4 के समूहों में अपनी किट से विभिन्न भिन्नों से एक पूर्ण बनाने की विभिन्न विधियों को ढूँढ़िए। इस प्रक्रिया में आपको जो भी तुल्य भिन्न मिलें, उन्हें लिखिए। (क) 1/3 = ___ = ___ = ___ (ख) 1/4 = ___ = ___ = ___ (ग) 1/5 = ___ = ___ = ___ (घ) 1/6 = ___ = ___ = ___
उत्तर

हर बार अंश और हर को एक ही संख्या से गुणा कीजिए।

भागभिन्न× 2× 3× 4
(क)1/32/63/94/12
(ख)1/42/83/124/16
(ग)1/52/103/154/20
(घ)1/62/123/184/24

किट से आप यह देखेंगे:

  • 1/6 के दो टुकड़े 1/3 के एक टुकड़े पर ठीक बैठते हैं → 1/3 = 2/6
  • 1/8 के दो टुकड़े 1/4 के एक टुकड़े पर बैठते हैं → 1/4 = 2/8। 1/12 के तीन टुकड़े भी 1/4 को ढँकते हैं → 1/4 = 3/12
  • 1/10 के दो टुकड़े 1/5 के एक टुकड़े को ढँकते हैं → 1/5 = 2/10
  • 1/12 के दो टुकड़े 1/6 के एक टुकड़े को ढँकते हैं → 1/6 = 2/12
1/3 1/61/6 1/6 के दो टुकड़े 1/3 के एक टुकड़े को ठीक ढँकते हैं
किट के टुकड़ों को एक-दूसरे के नीचे रखिए — यही असली प्रमाण है, केवल संख्याएँ नहीं।
सुझाव: इनमें से कुछ टुकड़े किट में नहीं होते (1/16 या 1/24 का टुकड़ा नहीं होता)। फिर भी आप ये भिन्नें लिख सकते हैं, क्योंकि गुणा का नियम हर संख्या पर लागू होता है।
प्र2.
क्या आप जानते हैं कि किसी भी दिए गए भिन्न के लिए तुल्य भिन्न कैसे बनाते हैं? कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर

हाँ। अंश और हर दोनों को एक ही संख्या से गुणा कीजिए।

कक्षा-चर्चा के लिए नमूना उत्तर:

  1. कोई भी गिनती की संख्या चुनिए — 2, 3, 4, 5 …
  2. अंश (ऊपर की संख्या) को उससे गुणा कीजिए।
  3. हर (नीचे की संख्या) को उसी संख्या से गुणा कीजिए।
  4. नई भिन्न पूर्ण का वही भाग दर्शाती है। यही तुल्य भिन्न है।
उदाहरण: 3/4
3/4 = (3×2)/(4×2) = 6/8
3/4 = (3×5)/(4×5) = 15/20
ऐसा क्यों होता है: हर को 3 से गुणा करने का अर्थ है हर भाग को 3 छोटे भागों में काटना। अंश को 3 से गुणा करने का अर्थ है अब आपके पास उन छोटे भागों के 3 गुने टुकड़े हैं। तीन गुने टुकड़े, पर हर टुकड़ा एक-तिहाई माप का — कुल मात्रा नहीं बदलती।
उलटा भी चलता है: अंश और हर को एक ही संख्या से भाग दीजिए, तब भी तुल्य भिन्न मिलती है। 6/8 = (6÷2)/(8÷2) = 3/4।
प्र3.
अपनी किट की सहायता से निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए। आप छायांकित करके भी जाँच कर सकते हैं। (1) कितने 1/6 मिलकर 1/3 बनाते हैं? (छायांकित भाग 1/3 है। इस पूर्ण में 1/6 को पहचानिए और पता लगाइए 1/3 में कितने 1/6 आ सकते हैं।)
उत्तर

दो 1/6 मिलकर 1/3 बनाते हैं।

पुस्तक की आकृति एक पूर्ण है जो 6 बराबर खानों में बँटी है (3 आड़े, 2 खड़े)। छायांकित भाग पहला स्तंभ है — यानी 2 खाने।

1/61/6 पूर्ण = 6 बराबर खाने। छायांकित = 1 स्तंभ = 2 खाने। 3 स्तंभों में से 1 स्तंभ = 1/3, और उसमें 2 खाने = 2/6।
एक-तिहाई वाले स्तंभ में एक-छठाई के दो खाने भर जाते हैं।
पूर्ण = 6 बराबर खाने, अत: हर खाना = 1/6
छायांकित स्तंभ = 3 में से 1 स्तंभ = 1/3
उस स्तंभ में 2 खाने हैं
अत: 2 छठाई = 1 तिहाई, यानी 2/6 = 1/3
स्वयं जाँचिए: 2 खाने × 3 स्तंभ = 6 खाने, यानी पूरी आकृति। सही है।
प्र4.
(2) कितने 1/8 मिलकर (क) 1/4 बनाते हैं? (ख) 1/2 बनाते हैं?
उत्तर

(क) दो 1/8 मिलकर 1/4 बनाते हैं। (ख) चार 1/8 मिलकर 1/2 बनाते हैं।

पुस्तक की आकृतियाँ 8 बराबर खानों में बँटी हैं (4 आड़े, 2 खड़े)। हर खाना 1/8 है।

(क) 1/4 = 1/8 के 2 खाने 1/4 = 2/8 (ख) 1/2 = 1/8 के 4 खाने 1/2 = 4/8
1/4 के लिए चार में से एक स्तंभ और 1/2 के लिए चार में से दो स्तंभ छायांकित कीजिए।
(क) पूर्ण = 8 खाने। 8 का 1/4 = 8 ÷ 4 = 2 खाने → 1/4 = 2/8
(ख) 8 का 1/2 = 8 ÷ 2 = 4 खाने → 1/2 = 4/8
ऐसा क्यों होता है: 1/4 के हर टुकड़े को 2 बराबर हिस्सों में काटा जा सकता है और हर हिस्सा 1/8 है। 1/2 के टुकड़े को ऐसे 4 हिस्सों में काटा जा सकता है।
स्वयं जाँचिए: 2 खाने × 4 चौथाई = 8 खाने ✓, और 4 खाने × 2 आधे = 8 खाने ✓।
प्र5.
(3) कितने 1/12 मिलकर (क) 1/2 (ख) 1/3 (ग) 1/4 (घ) 1/6 बनाते हैं?
उत्तर

(क) 6  (ख) 4  (ग) 3  (घ) 2 टुकड़े 1/12 के।

पुस्तक की हर आकृति 12 बराबर खानों में बँटी है (4 आड़े, 3 खड़े)। हर खाना 1/12 है। 12 में भिन्न के हर का भाग दीजिए।

भागभिन्नहल1/12 के कितने खानेतुल्य भिन्न
(क)1/212 ÷ 261/2 = 6/12
(ख)1/312 ÷ 341/3 = 4/12
(ग)1/412 ÷ 431/4 = 3/12
(घ)1/612 ÷ 621/6 = 2/12
12 खानों का 1/2 = 6 खाने 1/2 = 6/12 12 खानों का 1/4 = 3 खाने 1/4 = 3/12
बारहवें भाग सरल बनाते हैं: पूरे स्तंभ छायांकित कीजिए और खाने गिनिए।
प्रतिरूप देखिए: जैसे-जैसे टुकड़े छोटे होते जाते हैं (1/2 → 1/3 → 1/4 → 1/6), आवश्यक बारहवें भाग भी घटते जाते हैं (6 → 4 → 3 → 2)। यह ठीक भी है — छोटे टुकड़े को भरने में कम खाने लगते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?