कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 3 गतिविधि 2 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
गतिविधि 2: 1. एक टमाटर लीजिए और उसे टुकड़ों में काट लीजिए। 2. टमाटर के टुकड़ों को एक थाली में खिड़की के पास ऐसे स्थान पर रखिए जहाँ सूर्य का प्रकाश आता हो। 3. आपने टमाटर के टुकड़ों में क्या परिवर्तन देखे?
उत्तर

आप यह देखेंगे: टमाटर के टुकड़े धीरे-धीरे अपना जल खो देते हैं। वे सिकुड़ते हैं, झुर्रीदार और चमड़े जैसे हो जाते हैं, उनका रंग गहरा लाल हो जाता है और कुछ दिनों बाद वे सूखे, हल्के और कड़े हो जाते हैं। उनमें रसीलापन बिलकुल नहीं बचता।

इसे कैसे कीजिए:

  1. एक पका टमाटर धोकर पोंछ लीजिए।
  2. किसी बड़े से कहकर उसे पतले गोल टुकड़ों में कटवाइए — पतले टुकड़े जल्दी सूखते हैं।
  3. टुकड़ों को साफ थाली में एक ही परत में फैलाइए, कोई टुकड़ा दूसरे के ऊपर न रहे।
  4. थाली को खिड़की के पास ऐसी जगह रखिए जहाँ दिनभर धूप आती हो।
  5. शाम को थाली भीतर ले आइए और अगली सुबह फिर धूप में रखिए।
  6. हर दिन टुकड़ों को देखिए और जो बदलाव दिखे उसे लिखिए।
दिनआप क्या देखेंगेक्या हो रहा है
पहला दिनटुकड़े लाल, गीले और चमकीले हैं। थाली नम हो जाती है।टुकड़ों से जल निकलना आरंभ हो गया है
दूसरा दिनकिनारे मुड़ने लगते हैं। टुकड़े छोटे और बिना चमक के हो जाते हैं।सूर्य की ऊष्मा जल को वाष्पित कर रही है
तीसरा–चौथा दिनटुकड़े झुर्रीदार, गहरे लाल, नरम और चमड़े जैसे लगते हैं।अधिकांश जल निकल चुका है
पाँचवाँ–सातवाँ दिनटुकड़े छोटे, कड़े, पतले और बहुत हल्के हैं। बिलकुल गीले नहीं लगते।नमी लगभग नहीं बची — अब सूक्ष्मजीव नहीं पनप सकते

कितने दिन लगेंगे यह मौसम पर निर्भर है। तेज गर्मी की धूप में तीन दिन में भी हो सकता है; ठंडे या बादल वाले सप्ताह में अधिक समय लगेगा।

ऐसा क्यों होता है: टमाटर में अधिकतर जल ही होता है। सूर्य की ऊष्मा उस जल को जलवाष्प में बदल देती है, जो वायु में मिल जाती है। पीछे बचता है टमाटर का ठोस भाग — छिलका, गूदा और स्वाद — बहुत छोटे टुकड़े में सिमटा हुआ। सूक्ष्मजीवों को पनपने के लिए नमी चाहिए, इसलिए सूखा टुकड़ा लंबे समय तक चलता है जबकि ताजा टमाटर कुछ ही दिनों में दूषित हो जाता है।
एक बात का ध्यान रखिए: यदि कोई टुकड़ा नम या वर्षा वाले दिन बाहर रह जाए तो वह सूखने के बजाय फफूँद पकड़ सकता है। फफूँद का अर्थ है कि उसने जल खोया नहीं, सोख लिया। ऐसे टुकड़े को फेंक दीजिए और धूप वाले दिन फिर से आरंभ कीजिए।
प्र2.
क्या आप टमाटर जैसे खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने की किसी अन्य विधि के विषय में सोच सकते हैं?
उत्तर

हाँ — कई विधियाँ हैं, और हर एक नमी, वायु या गर्मी छीन लेती है।

टमाटर को संरक्षित करने की विधिकैसे की जाती हैतीनों में से क्या छिनता है
धूप में सुखानाटुकड़े काटकर चमड़े जैसा होने तक सुखाइए; सूखे मर्तबान में रखिएनमी
फ्रिज में रखनासाबुत टमाटर फ्रिज की सब्जी वाली ट्रे में रखिएगर्मी
हिमीकरणप्यूरी बनाकर डिब्बे में जमा दीजिएगर्मी (और अधिक)
बोतल में टमाटर प्यूरी या सॉसगूदा पकाकर गरम-गरम साफ बोतल में भरकर कसकर बंद कीजिएवायु
टमाटर केचपनमक, चीनी और सिरके के साथ पकाकर बोतल में भरा जाता हैवायु, और साथ ही नमक-चीनी जिनमें सूक्ष्मजीव नहीं पनपते
टमाटर का अचार या चटनीनमक, मसालों और तेल के साथ पकाकर तेल की परत के नीचे रखिएवायु और नमक
डिब्बाबंद टमाटरकारखाने में वायुरोधी डिब्बों में बंद किए जाते हैंवायु
सूखे टुकड़े तेल मेंधूप में सुखाए टुकड़े तेल भरे मर्तबान में रखिएनमी और वायु, दोनों
इतनी सारी विधियाँ क्यों काम करती हैं: इनमें कोई जादू नहीं है। हर विधि बस वह चीज़ हटा देती है जो सूक्ष्मजीवों को चाहिए। इसीलिए आप वह विधि चुन सकते हैं जो आपके घर के लिए सुविधाजनक हो — फ्रिज हो तो फ्रिज, न हो तो धूप।
घर पर सबसे आसान: टमाटर की प्यूरी बनाइए। टमाटर उबालिए, छिलका उतारिए, मसलिए, गूदे को थोड़े नमक के साथ कुछ मिनट पकाइए, गरम-गरम साफ सूखी काँच की बोतल में भरिए और तुरंत ढक्कन बंद कर दीजिए। फ्रिज में रखिए और एक सप्ताह में उपयोग कर लीजिए।
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