प्र1.
गतिविधि 3: अपने घर के बड़ों से जानकारी प्राप्त करके अपने परिवार में खाद्य संरक्षण की विधियों के विषय में पता लगाइए। इनमें से कम से कम एक विधि के विषय में लिखिए।
उत्तर
यह गतिविधि कैसे कीजिए
- घर के किसी बड़े को चुनिए — दादी, दादा, माँ, पिताजी या चाची।
- उनसे तीन प्रश्न पूछिए: आप पूरे वर्ष के लिए क्या-क्या रखती हैं? उसे लंबे समय तक कैसे चलाती हैं? यह आपको किसने सिखाया?
- हो सके तो उन्हें करते हुए देखिए और चरणों को क्रम से लिखिए।
- अपनी कॉपी में अपने शब्दों में लिखिए, और बताने वाले का नाम भी लिखिए।
नमूना उत्तर (एक विधि, पूरी लिखी हुई):
“मेरी दादी हर वर्ष मार्च में बड़ियाँ बनाती हैं। वे उड़द की दाल रातभर भिगोती हैं, उसे पीसकर गाढ़ा घोल बनाती हैं और हाथ से तब तक फेंटती हैं जब तक वह हल्का न हो जाए। फिर उसमें नमक और थोड़ा सा पेठा मिलाती हैं। इसके बाद खाट पर बिछे साफ कपड़े पर घोल की छोटी-छोटी टिकियाँ रखती हैं और खाट को तेज धूप में रख देती हैं। हर दिन वे बड़ियों को पलटती हैं। चार दिन में वे कड़ी और हल्की हो जाती हैं, और दादी उन्हें कसकर बंद होने वाले स्टील के डिब्बे में भर देती हैं। ये पूरे वर्ष चलती हैं। यह उन्होंने अपने गाँव में अपनी माँ से सीखा था।”
घर पर आपको ये विधियाँ भी सुनने को मिल सकती हैं:
| विधि | वह काम क्यों करती है |
|---|---|
| अनाज को नीम की सूखी पत्तियों के साथ स्टील के ड्रम में रखना | ड्रम नमी और कीड़ों को रोकता है; नीम कीटों को दूर रखता है |
| हर गर्मी में आम या नींबू का अचार बनाकर तेल में रखना | नमक नमी हटाता है, तेल वायु रोकता है |
| वर्षा से पहले छत पर पापड़ और बड़ियाँ सुखाना | धूप में सुखाने से नमी निकल जाती है |
| आँवले या अदरक का मुरब्बा गाढ़ी चाशनी में बनाना | इतनी मीठी चाशनी में सूक्ष्मजीव नहीं पनप सकते |
| तट पर मछली या झींगे को नमक लगाकर धूप में सुखाना | नमक और सुखाना मिलकर लगभग सारी नमी हटा देते हैं |
| गर्मियों में दूध को दिन में दो बार उबालना | गर्म करने से उसमें के अधिकांश सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं |
| पानी को मटके में रखना | मिट्टी बिना बिजली के जल ठंडा रखती है |
| मसाले भूनकर पीसकर वायुरोधी स्टील के डिब्बे में रखना | भूनने से नमी निकलती है, कसा ढक्कन वायु रोकता है |
आप एक बात देखेंगे: आपके परिवार में किसी ने सूक्ष्मजीवों का विज्ञान पढ़कर ये काम नहीं सीखे। उन्होंने अपने बड़ों से सीखे। फिर भी हर एक विधि नमी, वायु या गर्मी ही हटाती है। दिशा को भी यही मिला — पारंपरिक प्रथाओं के भीतर असली विज्ञान छिपा होता है।