प्र1.
गतिविधि 4: क्या आप कभी अपने बड़ों के साथ सब्जियाँ और फल खरीदने जाते हैं? आप फल-सब्जियाँ खरीदते समय बड़ों के फल और सब्जियाँ चुनने का तरीका देखिए।
उत्तर
उनके साथ जाइए, पास खड़े होइए और उनके हाथों तथा आँखों को देखिए। दिशा ने देखा कि उसके थाथा हर फल और सब्जी को खरीदने से पहले ध्यान से देखते हैं। बड़े असल में क्या-क्या जाँचते हैं, यह रहा।
| वे क्या जाँचते हैं | कैसे जाँचते हैं | क्या देख रहे होते हैं |
|---|---|---|
| रूप | फल या सब्जी को हाथ में घुमाकर देखते हैं | चटक और एक-सा रंग; कोई काला धब्बा, कटाव, छेद या फफूँद न हो |
| स्पर्श | अँगूठे से हल्का सा दबाकर | कड़ापन — नरम, पिलपिली या झुर्रीदार न हो |
| गंध | नाक के पास ले जाकर, विशेषकर खरबूजा और आम | मीठी, ताजी गंध — खट्टी या बुरी गंध का अर्थ है वह दूषित होने लगा है |
| भार | एक जैसे आकार के दो फल हाथ में लेकर तौलते हैं | जो भारी हो उसमें प्राय: अधिक रस होता है |
| डंठल और पत्तियाँ | डंठल वाला सिरा देखते हैं | हरी ताजी पत्तियाँ अर्थात् हाल ही में तोड़ा गया; सूखी या पीली पत्ती अर्थात् पुराना |
| कीड़े | छोटे छेद या धब्बे ढूँढ़ते हैं | कोई छेद न हो, कोई कीड़ा न रेंग रहा हो |
| मौसम और स्थान | विक्रेता से पूछते हैं कि कहाँ से आया है | स्थानीय और मौसमी उपज अधिक ताजी और सस्ती होती है |
| मात्रा | अगले कुछ दिनों का हिसाब लगाते हैं | उतना ही जितना परिवार सचमुच खा लेगा, ताकि कुछ दूषित होकर बरबाद न हो |
यह जाँच क्यों महत्वपूर्ण है: जिस फल पर पहले से चोट या दरार हो, उसमें एक रास्ता खुला होता है और वहाँ से सूक्ष्मजीव भीतर पहुँच जाते हैं। ऐसा फल एक दिन में दूषित हो जाता है और पास रखे दूसरे फलों को भी खराब कर सकता है। इसलिए मंडी में ध्यान से चुनना असल में खाद्य संरक्षण का पहला चरण है।
घर पहुँचने के बाद: जो भी दबा या चोट खाया हो उसे अलग करके पहले उपयोग कीजिए, सब कुछ धोकर रखिए, अच्छी तरह सुखाइए (गीली सब्जी जल्दी दूषित होती है) और पत्तेदार सब्जियाँ तथा कटी सब्जियाँ फ्रिज में या ठंडी हवादार जगह पर रखिए।