प्र1.
अपने क्षेत्र के तीन मौसमी फलों या सब्जियों के नाम बताइए। उदाहरण के लिए, सर्दियों में आँवला और गर्मियों में जामुन।
उत्तर
वही लिखिए जो सचमुच आपके घर के आस-पास होते हैं। नीचे दी गई तालिका से चुनिए और किसी बड़े से पुष्टि कर लीजिए।
| मौसम | फल | सब्जियाँ |
|---|---|---|
| सर्दी (नवंबर – फरवरी) | आँवला, संतरा, अमरूद, सीताफल, बेर, गन्ना, पपीता | गाजर, मूली, मटर, पालक, मेथी, सरसों का साग, फूलगोभी, पत्तागोभी |
| गर्मी (मार्च – जून) | आम, जामुन, लीची, तरबूज, खरबूजा, फालसा, कटहल | लौकी, तोरई, खीरा, टिंडा, भिंडी, कच्चा आम |
| वर्षा (जुलाई – सितंबर) | लीची, नाशपाती, आलूबुखारा, आड़ू, सीताफल, केला | अरबी, करेला, नेनुआ, भुट्टा, कद्दू |
| पूरे वर्ष | केला, पपीता, नारियल | आलू, प्याज, टमाटर, बैंगन |
नमूना उत्तर: “मेरे क्षेत्र में सर्दियों में आँवला और गाजर आते हैं, गर्मियों में आम और जामुन आते हैं, और वर्षा में भुट्टा मिलता है।”
पुस्तक की खोज #9: फलों का स्वाद सबसे अच्छा तब लगता है जब उन्हें उनके मौसम में खाया जाए। उनकी प्रतीक्षा करने से उनका आनंद और बढ़ जाता है।
मौसमी भोजन बेहतर क्यों है: अपने मौसम में तोड़ा गया फल पका हुआ, स्वाद से भरा और शरीर के लिए आवश्यक तत्वों से भरपूर होता है। वह सस्ता भी होता है, क्योंकि उस समय वह बहुतायत में मिलता है। और उसे दूर से नहीं आना पड़ता — अप्पा ने स्वयं कहा था: स्थानीय आम सबसे ताजे होते हैं, क्योंकि उन्हें हम तक पहुँचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
अपना मौसमी चार्ट बनाइए: चार मौसमों के चार खाने बनाइए और उनमें लिखिए कि आपकी सब्जी मंडी में उस मौसम में क्या बिकता है। विक्रेता से पूछिए। आप देखेंगे कि उत्तर हर राज्य में बदल जाता है — और यही भारत के भोजन को इतना विविध बनाता है।