यह उत्तर अपने घर से लिखिए। अच्छे उत्तर में समस्या, उपाय, वह कैसे बनाया या दिया गया और उससे लाभ हुआ या नहीं — चारों बातें होती हैं।
नमूना उत्तर: “पिछले महीने एक विवाह में मैंने बहुत सारी पूरियाँ खा लीं और पूरी शाम पेट भारी लगता रहा। माँ ने कोई दवा नहीं दी। उन्होंने एक चम्मच अजवाइन को चुटकी भर काले नमक के साथ भूनकर मुझे गुनगुने पानी के साथ चबाने को दिया। बाद में उन्होंने भुने जीरे के पाउडर वाली छाछ पिलाई। रात में मैंने कुछ भारी नहीं खाया। अगली सुबह मेरा पेट ठीक लग रहा था।”
पेट भारी होने पर परिवारों में आमतौर पर अपनाए जाने वाले घरेलू उपाय:
| उपाय | परिवार इसे क्यों अपनाते हैं |
|---|---|
| चुटकी भर नमक के साथ अजवाइन और गुनगुना पानी | भारी और गैस वाले पेट के लिए बहुत पुराना उपाय |
| जीरे का पानी, या छाछ में भुना जीरा | छाछ में अच्छे सूक्ष्मजीव होते हैं; जीरा पेट को शांत करता है |
| दही या छाछ | इनके अच्छे सूक्ष्मजीव पाचन में सहायता करते हैं |
| थोड़े सेंधा नमक के साथ अदरक, या गुनगुने पानी में अदरक | जी मिचलाने और भारीपन में उपयोग किया जाता है |
| भोजन के बाद सौंफ | भारत के अधिकांश घरों में भोजन के अंत में चबाई जाती है |
| हल्का भोजन — खिचड़ी, सादा चावल, केला — और आराम | पेट को कम काम करना पड़ता है |
| दिनभर घूँट-घूँट गुनगुना पानी | शरीर से बहुत अधिक जल नहीं निकलने देता |