प्र1.
“ऐसी और कौन-कौन सी अन्य खाद्य वस्तुएँ हैं जिन्हें सुखाकर वर्षभर दूषित होने से बचाया जा सकता है?” इस प्रश्न के ऊपर छपे चार चित्र।
उत्तर
पहले पुस्तक में प्रश्न के ऊपर छपे चारों चित्रों को ध्यान से देखिए।
| चित्र | उसमें क्या दिख रहा है | क्या सुखाया जा रहा है |
|---|---|---|
| पहला | बाँस के गोल सूप में बहुत सी हल्की पीली गोल गोलियाँ, और एक कोने में पतली सफेद लच्छों का ढेर | धूप में सुखाई गई बड़ियाँ और सेवइयाँ |
| दूसरा | तीन स्त्रियाँ हरे-भरे खेत में झुककर पत्तेदार फसल तोड़कर टोकरियों में रख रही हैं | हरी पत्तियाँ तोड़ी जा रही हैं — पत्तेदार साग सुखाकर रखे जाते हैं, जैसे कसूरी मेथी |
| तीसरा | छोटी-छोटी अंडाकार फलियों का ढेर, कुछ ताजी हरी और कुछ सूखी क्रीम रंग की | कोई मसाला सुखाया जा रहा है — इलायची जैसी फलियाँ, ताजी होने पर हरी और सूखने पर हल्की |
| चौथा | बाँस के गोल सूप में फैली हुई चटक लाल मिर्चें | धूप में सूखती लाल मिर्च |
भारत में और भी बहुत सी वस्तुएँ सुखाकर वर्षभर रखी जाती हैं। यह रही उनकी सूची, समूहों में।
| समूह | सुखाई जाने वाली वस्तुएँ |
|---|---|
| दाल और अनाज से बनी | पापड़, बड़ी / मँगोड़ी, सेवइयाँ, साबूदाना पापड़, सूखा पोहा |
| सब्जियाँ | सूखा टमाटर, आलू पापड़, सूखी भिंडी और बैंगन की फाँकें, सूखी लौकी, सूखी मटर, सूखे मशरूम, सूखी पत्तेदार सब्जियाँ, सूखे बाँस के अंकुर |
| फल | आम पापड़, अमचूर, अंगूर से किशमिश, सूखे अंजीर, खुबानी, खजूर, सूखा आँवला, कोकम, इमली |
| मसाले | लाल मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, काली मिर्च, इलायची, सोंठ, सूखे करी पत्ते, कसूरी मेथी |
| मांसाहारी खाद्य | सूखी मछली और सूखे झींगे — गुजरात, ओडिशा, केरल और पूर्वोत्तर के तटों पर बनाए जाते हैं |
| अन्य | कटाई के बाद मेवे और बीज, तथा स्वयं अनाज, जिसे भंडारण से पहले सुखाया जाता है |
इन सब पर सुखाना क्यों काम करता है: इनमें से हर वस्तु ताजी होने पर जल से भरी होती है। धूप वह जल हटा देती है। नमी न बचने पर सूक्ष्मजीव पनप नहीं सकते, इसलिए वस्तु महीनों तक दूषित नहीं होती। पकाते समय हम जल फिर से मिला देते हैं — इसीलिए बड़ी या सूखे मशरूम पकाने से पहले भिगोए जाते हैं।
घर पर पता लगाइए: पूछिए कि आपके क्षेत्र में आपका परिवार कौन-कौन सी वस्तुएँ सुखाता है। राजस्थान में केर-सांगरी, केरल में मछली और कसावा, पंजाब में बड़ियाँ और मेथी, पूर्वोत्तर में बाँस के अंकुर और मछली। हर क्षेत्र की अपनी सूची है।