प्र1.
सम बहुभुजों के प्रत्येक आकार में भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। आपको कौन-सा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है? कोनों के विषय में आप क्या कहेंगे? क्या वही संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है? क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर
| आकार | त्रिभुज | चतुर्भुज | पंचभुज | षड्भुज | सप्तभुज | अष्टभुज | नवभुज | दशभुज |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भुजाएँ | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
| कोने | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
दोनों पंक्तियों से एक ही अनुक्रम मिलता है — 3 से आरंभ होने वाली गणन संख्याएँ: 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, …
दोनों गणनाएँ सदैव बराबर क्यों होती हैं: सरल रेखाओं से बनी किसी बंद आकृति की सीमा पर एक बार घूमिए। प्रत्येक भुजा किसी कोने पर समाप्त होती है और प्रत्येक कोने पर ठीक दो भुजाएँ मिलती हैं। अत: भुजाओं और कोनों में एक-से-एक संगति बन जाती है — हर भुजा को उसके अंत वाले कोने से जोड़ा जा सकता है। इसलिए किसी भी बंद आकृति में भुजाओं की संख्या = कोनों (शीर्षों) की संख्या, चाहे वह सम हो या न हो।