गणित प्रकाश अध्याय 4 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
प्रात: 6 और दोपहर 12 के बीच उस चौराहे से कुल कितने वाहन गुजरे?
उत्तर

पहले प्रत्येक दंड की लंबाई पढ़िए। लंबाई की 1 इकाई 100 वाहनों को दर्शाती है।

दिल्ली के एक चौराहे पर यातायात (प्रात: 6 – दोपहर 12)02004006008001000120060011–1270010–118009–1010008–912007–81506–7वाहनों की संख्या
यातायात का दंड आलेख। दंड क्षैतिज हैं, अत: उनकी लंबाइयों की तुलना साथ-साथ की जा सकती है।
समय अंतराल6–77–88–99–1010–1111–12
वाहन15012001000800700600
150 + 1200 + 1000 + 800 + 700 + 600
= (150 + 1200) + (1000 + 800) + (700 + 600)
= 1350 + 1800 + 1300
= 4450 वाहन

उत्तर: उन छह घंटों में चौराहे से लगभग 4450 वाहन गुजरे।

संकेत: यहाँ “लगभग” शब्द महत्वपूर्ण है। 6–7 वाला दंड 200 से कुछ छोटा है, अत: उसे लगभग 150 पढ़ा जाता है। दंड आलेख शीघ्र और निकटतम मान देता है — अंतिम वाहन तक की सही गिनती नहीं।
प्र2.
आपके विचार से समय प्रात: 6–7 के दौरान और 7–12 बजे दोपहर के बीच अन्य घंटे में, इतना कम यातायात क्यों रहा?
उत्तर

प्रात: 6 से 7 के बीच केवल लगभग 150 वाहन गुजरे — 7–8 के यातायात का लगभग आठवाँ भाग। इसके उचित कारण—

  • प्रात: 6 बजे अधिकांश लोग घर पर ही होते हैं — अभी उठ रहे होते हैं, तैयार हो रहे होते हैं, नाश्ता कर रहे होते हैं।
  • विद्यालय, कार्यालय, दुकानें और बाज़ार खुले नहीं होते, अत: जाने के लिए कोई स्थान ही नहीं होता।
  • विद्यालयी बसें, कार्यालय बसें और सामान पहुँचाने वाली गाड़ियाँ बाद में चलना आरंभ करती हैं।
  • उस समय के थोड़े-से वाहन जल्दी काम पर निकलने वालों के होते हैं — दूध और समाचार पत्र की गाड़ियाँ, मंडी जाते सब्ज़ी के ट्रक तथा रात की पाली से लौटते लोग।
मुख्य विचार: यातायात लोगों की दिनचर्या के अनुसार चलता है। जहाँ बहुत से लोगों को एक ही समय पर एक ही स्थान पर पहुँचना होता है, वहाँ उससे ठीक पहले सड़कें भर जाती हैं।
प्र3.
आपके विचार से प्रात: 7 और 8 के बीच यातायात अधिकतम क्यों रहा?
उत्तर

प्रात: 7 से 8 के बीच लगभग 1200 वाहन गुजरे — आलेख का सबसे लंबा दंड। यह प्रात:कालीन व्यस्ततम समय है—

  • विद्यालय लगभग 8 बजे आरंभ होते हैं, अत: विद्यालयी बसें, वैन, ऑटो, साइकिलें तथा बच्चों को छोड़ने जाते अभिभावक — सभी एक साथ सड़क पर होते हैं।
  • कार्यालय, कारखाने और दुकानें 9 से 10 के बीच खुलते हैं, और दिल्ली जैसे बड़े नगर में पहुँचने में एक घंटा या अधिक लगता है, इसलिए लोग इसी समय घर से निकलते हैं।
  • सभी को एक निश्चित समय से पहले पहुँचना होता है, अत: ये सारी यात्राएँ एक ही घंटे में सिमट जाती हैं।
क्या आप जानते हैं? ऐसा ही दूसरा व्यस्ततम समय संध्या को लगभग 5 से 8 बजे के बीच आता है, जब यही लोग घर लौटते हैं। यह सर्वेक्षण दोपहर 12 बजे समाप्त हो गया, इसलिए वह शिखर इस आलेख में नहीं दिखता।
प्र4.
आपके विचार से प्रात: 8 के बाद 12 बजे दोपहर तक प्रत्येक घंटे में यातायात कम क्यों होता रहा?
उत्तर

शिखर के बाद के दंड देखिए — वे क्रमश: छोटे होते जाते हैं—

7–8: 1200 → 8–9: 1000 → 9–10: 800 → 10–11: 700 → 11–12: 600

इस निरंतर कमी के कारण—

  • 9 या 10 बजे तक अधिकांश लोग पहुँच चुके होते हैं — विद्यालय, कार्यालय या काम पर; अत: वे यात्राएँ समाप्त हो जाती हैं और दुबारा नहीं होतीं।
  • शेष लोग किसी विशेष कारण से निकलते हैं — खरीदारी, अस्पताल, सामान पहुँचाना, रिश्तेदारों से मिलना। ऐसी यात्राएँ बहुत कम होती हैं और पूरे दिन में फैली रहती हैं।
  • किसी को ठीक 11 बजे कहीं पहुँचना नहीं होता, इसलिए किसी एक क्षण पर वाहनों की नई भीड़ नहीं बनती।
प्रति घंटा कमी: 1200 → 1000 (−200), 1000 → 800 (−200), 800 → 700 (−100), 700 → 600 (−100)
आकृति पर ध्यान दीजिए: भीड़ समाप्त होते ही यातायात तेज़ी से घटता है और फिर धीरे-धीरे स्थिर होने लगता है। यह कभी शून्य नहीं होता, क्योंकि नगर में कुछ न कुछ आवागमन सदैव चलता रहता है।
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