इस दंड आरेख के आधार पर आप अपने मित्रों से कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे?
उत्तर
अच्छे प्रश्न वे हैं जिनका उत्तर पाठक आलेख से ही दे सके। कुछ ऐसे प्रश्न—
भारत की जनसंख्या, 1951 से 2001 तक। लंबाई की एक इकाई 10 करोड़ व्यक्तियों को दर्शाती है।
पढ़ने वाले प्रश्न — 1971 में भारत की जनसंख्या कितनी थी? (54 करोड़) यह पहली बार 100 करोड़ कब पार हुई? (2001)
तुलना वाले प्रश्न — क्या 1991 की जनसंख्या 1951 की दुगुनी से अधिक थी? (84 और 72 — हाँ, कुछ अधिक।) कौन-से दो दंड ऊँचाई में लगभग समान दिखते हैं?
अंतर वाले प्रश्न — 1961 से 1981 के बीच जनसंख्या कितनी बढ़ी? (68 − 44 = 24 करोड़)
प्रवृत्ति वाले प्रश्न — आलेख बढ़ रहा है या घट रहा है? दाईं ओर बढ़ने पर सीढ़ियाँ बड़ी हो रही हैं या छोटी?
अनुमान वाले प्रश्न — पैटर्न से 2011 की जनसंख्या का अनुमान लगाइए। (लगभग 120 करोड़ — वास्तविक संख्या लगभग 121 करोड़ थी।)
पैमाने वाले प्रश्न — 1 इकाई = 1 व्यक्ति के स्थान पर 1 इकाई = 10 करोड़ क्यों लिया गया?
संकेत: “जनसंख्या क्यों बढ़ी?” जैसे प्रश्न का उत्तर आलेख से नहीं मिल सकता — आलेख यह बताता है कि क्या हुआ, यह नहीं कि क्यों हुआ। ऐसे प्रश्नों के लिए अन्य जानकारी चाहिए।
प्र2.
50 वर्षों में भारत की जनसंख्या में कितनी वृद्धि हुई, प्रत्येक दशक में जनसंख्या वृद्धि कितनी थी?
उत्तर
1951 से 2001 तक के 50 वर्षों में—
102 करोड़ − 36 करोड़ = 66 करोड़
अर्थात् 50 वर्षों में भारत में लगभग 66 करोड़ व्यक्ति और जुड़ गए — 2001 की जनसंख्या 1951 की जनसंख्या की लगभग तीन गुनी हो गई।
दशक-दर-दशक, प्रत्येक मान को अगले मान में से घटाइए—
दशक
आरंभ की जनसंख्या
अंत की जनसंख्या
वृद्धि (करोड़)
1951 – 1961
36
44
8
1961 – 1971
44
54
10
1971 – 1981
54
68
14
1981 – 1991
68
84
16
1991 – 2001
84
102
18
कुल
—
—
66
8 + 10 + 14 + 16 + 18 = 66 करोड़ ✔ — दशकों की वृद्धियों का योग 50 वर्षों की कुल वृद्धि के बराबर है।
संख्याएँ क्या बताती हैं: वृद्धि स्वयं प्रत्येक दशक में बढ़ती गई — 8, फिर 10, 14, 16, 18। अत: आलेख समान सीढ़ियों में नहीं चढ़ता; प्रत्येक सीढ़ी पिछली से ऊँची है। इसीलिए दाईं ओर जाते हुए दंड और तेज़ी से चढ़ते प्रतीत होते हैं।
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