समय-रेखा क्या है: एक सुविधाजनक उपकरण जो किसी विशेष अवधि की तिथियों एवं घटनाओं का अनुक्रम दिखाता है। अध्याय का चित्र 4.3 मानव सभ्यता के आरंभ से वर्तमान तक चलता है और उस पर कुछ प्रमुख घटनाएँ चिह्नित हैं।
तीन काम जो समय-रेखा करती है और तिथियों की सूची नहीं कर सकती —
- वह एक नज़र में क्रम दिखाती है। तिथियाँ पढ़े बिना भी दिख जाता है कि बुद्ध का जन्म ईसा मसीह के जन्म से पहले हुआ।
- वह दूरी दिखाती है। दो निशानों के बीच का अंतर समय का वास्तविक अंतर होता है, इसलिए दिख जाता है कि भारत का पूरा लिखित इतिहास एक बहुत लंबी रेखा के दाएँ सिरे का छोटा-सा टुकड़ा है।
- वह यह भी दिखाती है कि क्या छोड़ा गया है। चित्र 4.3 का बिंदुकृत भाग छोड़े गए कालखंड को दर्शाता है — और पुस्तक कारण भी बताती है: ईमानदारी से माप में बनाई जाती तो समय-रेखा लगभग 3 मीटर लंबी हो जाती।
→ लगभग 3 मीटर लंबी काग़ज़ की पट्टी
→ उस पर बुद्ध के जन्म से अब तक के 2,583 वर्ष 3 सेंटीमीटर से भी कम होंगे