कक्षा ६ सामाजिक विज्ञान अध्याय 4 इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

इतिहास मानव के अतीत का अध्ययन है। इसे उजागर करने में अनेक विशेषज्ञ लगे रहते हैं — भू-विज्ञानी (पृथ्वी के भौतिक स्वरूप), जीवाश्म विज्ञानी (जीवाश्म), मानव विज्ञानी (मानव समाज एवं संस्कृति) तथा पुरातत्व विज्ञानी (मानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेष) — चित्र 4.2। मानव ( होमो सेपियंस ) लगभग 3,00,000 वर्ष से ही पृथ्वी पर हैं, जो पृथ्वी के 4.54 अरब वर्ष के इतिहास का एक अत्यंत छोटा-सा अंश है (चित्र 4.1)। समय की गणना युगों में होती है। आज विश्व-भर में ग्रेगोरियन कैलेंडर (तिथिपत्र) प्रयुक्त होता है; साथ ही त्योहारों एवं मांगलिक कार्यों के लिए हिंदू, मुस्लिम, यहूदी, चीनी आदि तिथिपत्रों का भी उपयोग होता है। ईसा मसीह के जन्म की पारंपरिक तिथि के बाद के वर्षों को पहले ए.डी. कहा जाता था, अब सी.ई. — सामान्य संवत (सा.सं.) कहते हैं; उससे पूर्व के वर्षों को पहले बी.सी. , अब बी.सी.ई. — सामान्य संवत पूर

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दअर्थअध्याय में कहाँपुस्तक से उदाहरण
इतिहासमानव के अतीत का अध्ययनहाशिया, पृष्ठ 60ई.एच. कार — “अतीत एवं वर्तमान के मध्य एक अनवरत संवाद”
जीवाश्मजीव-जंतुओं के पदचिह्नों या पौधों के अवशेष चिह्न जो मृदा अथवा शिलाओं की परतों के बीच संरक्षित पाए जाते हैंहाशिया, पृष्ठ 61जीवाश्म विज्ञानी इनका अध्ययन करते हैं (चित्र 4.2.2)
पुरातत्व विज्ञानीवह व्यक्ति जो मानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेषों का उत्खनन करके अतीत का अध्ययन करता हैपृष्ठ 61, चित्र 4.2.4उपकरण, घड़े, मनके, मूर्तियाँ, खिलौने, हड्डियाँ, जले हुए अनाज, ईंटें
युगसमय का एक निश्चित कालखंडहाशिया, पृष्ठ 61सामान्य संवत (सा.सं.), जो 1 सा.सं. से आरंभ होता है
ग्रेगोरियन कैलेंडरविश्व-भर में प्रयुक्त तिथिपत्र; 365 दिन मिलकर बारह माह, प्रत्येक चार वर्ष में एक अधिवर्षहाशिया, पृष्ठ 621800 एवं 1900 लीप वर्ष नहीं; 2000 लीप वर्ष है
सा.सं. — सामान्य संवतईसा मसीह के जन्म की पारंपरिक तिथि से आगे गिने गए वर्ष; पहले 'ए.डी.'पृष्ठ 621947 सा.सं. — भारत की स्वतंत्रता का वर्ष
सा.सं.पू. — सामान्य संवत पूर्वउसी बिंदु से उलटे (अवरोही) क्रम में गिने गए वर्ष; पहले 'बी.सी.'पृष्ठ 62560 सा.सं.पू. — गौतम बुद्ध के जन्म की अनुमानित तिथि
समय-रेखावह उपकरण जो किसी विशेष अवधि की तिथियों एवं घटनाओं का अनुक्रम दिखाता हैपृष्ठ 62–64, चित्र 4.3चित्र 4.3 — 3,00,000 सा.सं.पू. से 2000 सा.सं. तक; बिंदुकृत भाग छोड़ा गया कालखंड है
शताब्दी / सहस्त्राब्दीकिसी भी 100 वर्षों का कालखंड / किसी भी 1,000 वर्षों का कालखंडध्यान रखें, पृष्ठ 64–6521वीं शताब्दी सा.सं. = 2001–2100; तीसरी सहस्त्राब्दी सा.सं. = 2001–3000
पंचांगतालिकाओं की एक पुस्तक जिसमें प्रत्येक माह के दिनों के साथ खगोलीय आँकड़े दिए जाते हैंध्यान रखें, पृष्ठ 65सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण, सूर्योदय-सूर्यास्त, त्योहारों की तिथियाँ, मौसम पूर्वानुमान
इतिहास के स्रोतकोई स्थान, व्यक्ति, लेख अथवा वस्तु जिसके माध्यम से हम अतीत की किसी घटना अथवा कालखंड की जानकारी एकत्र करते हैंहाशिया, पृष्ठ 65शिलालेख, सिक्के, स्मारक, पांडुलिपि, लोक साहित्य
इतिहासकारऐसा व्यक्ति जो अतीत का अध्ययन करता है एवं उसके विषय में लिखता हैहाशिया, पृष्ठ 68अधिक से अधिक स्रोत जुटाकर तय करता है कि किस पर अधिक विश्वास किया जाए
आनुवांशिकीजीव विज्ञान की वह शाखा जो अध्ययन करती है कि विशेषताएँ एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक कैसे पहुँचती हैंहाशिया, पृष्ठ 68प्राचीन मानव की आनुवांशिकी के अध्ययन ने नया दृष्टिकोण दिया
मरणोपरांत जीवनमृत्यु के बाद जीवनहाशिया, पृष्ठ 71आदिमानवों की संभवत: इस विषय में कुछ धारणाएँ थीं
पल्लीएक छोटी बस्ती अथवा छोटा गाँवहाशिया, पृष्ठ 73पल्ली बड़े गाँवों में परिवर्तित हो गईं जो वस्तुओं का आदान-प्रदान करती थीं
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