ऐतिहासिक काल की गणना हम तिथिपत्र (कैलेंडर), युग एवं समय-रेखा की सहायता से करते हैं। प्रत्येक समाज एवं संस्कृति के पास समय गिनने की अपनी प्रणालियाँ रही हैं; आज विश्व मुख्यत: एक साझा प्रणाली का उपयोग करता है ताकि सभी लोग एक ही घटना को एक ही बिंदु पर रख सकें।
चरण 1 — एक आरंभ-बिंदु (युग) चुनिए। युग समय का एक निश्चित कालखंड है। किसी व्यक्ति विशेष का जन्म अथवा किसी शासक के शासन का आरंभ प्राय: एक नए युग का आरंभ माना जाता रहा है। आज विश्व-भर में प्रयुक्त ग्रेगोरियन कैलेंडर ईसा मसीह के जन्म वर्ष को आरंभ मानता है। इसके साथ-साथ हिंदू, मुस्लिम, यहूदी, चीनी आदि तिथिपत्र भी त्योहारों एवं मांगलिक कार्यों की तिथियों के लिए प्रयोग होते हैं।
चरण 2 — उससे आगे और पीछे गिनिए।
आरंभ-बिंदु से पूर्व के वर्ष → पहले बी.सी. → अब सा.सं.पू. (सामान्य संवत पूर्व, अंग्रेज़ी में BCE)
भारत की स्वतंत्रता = 1947 ई. = ई. सन् 1947 = 1947 सा.सं.
बुद्ध का जन्म ≈ 560 सा.सं.पू.
चरण 3 — याद रखिए कि 'शून्य वर्ष' नहीं होता। 1 सा.सं.पू. के तुरंत बाद 1 सा.सं. आता है। अत: किसी सा.सं.पू. एवं सा.सं. तिथि के बीच के वर्ष = सा.सं.पू. + सा.सं. – 1।
चरण 4 — सही माप चुनिए।
| इकाई | अवधि | गणना का नियम | अध्याय से उदाहरण |
|---|---|---|---|
| वर्ष | 1 वर्ष | तिथिपत्र की मूल इकाई | 1947 सा.सं. |
| दशक | 10 वर्ष | दस वर्षों का कोई भी कालखंड | 1990 का दशक |
| शताब्दी | 100 वर्ष | सा.सं. की गणना 1 सा.सं. से; सा.सं.पू. की गणना 1 सा.सं.पू. से पीछे की ओर | 21वीं शताब्दी सा.सं. = 2001–2100 तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. = 300–201 सा.सं.पू. |
| सहस्त्राब्दी | 1,000 वर्ष | वही नियम, हज़ारों में | तीसरी सहस्त्राब्दी सा.सं. = 2001–3000 पहली सहस्त्राब्दी सा.सं.पू. = 1000 सा.सं.पू.–1 सा.सं.पू. |
चरण 5 — समय-रेखा बनाइए। समय-रेखा किसी अवधि की तिथियों एवं घटनाओं का अनुक्रम दिखाती है, इसलिए तिथियाँ पढ़े बिना ही घटनाओं का क्रम दिख जाता है। नीचे अध्याय का अपना चित्र 4.3 (पृष्ठ 62–63) मापानुसार पुन: बनाया गया है —