प्र1.
आपकी अपने अतीत की सबसे पुरानी स्मृति कौन-सी है? क्या आपको याद है कि उस समय आपकी आयु क्या थी? संभवत: पाँच या छह वर्ष पूर्व तक की यह सभी स्मृतियाँ आपके अतीत का हिस्सा हैं।
उत्तर
यह व्यक्तिगत प्रश्न है, अत: उत्तर आपका अपना होगा। महत्वपूर्ण यह है कि आप उस स्मृति तक कैसे पहुँचते हैं — इतिहासकार भी बहुत पुराने अतीत के साथ ठीक यही करता है।
अपनी सबसे पुरानी स्मृति ईमानदारी से खोजने का तरीका —
- पूरी कहानी नहीं, कोई एक स्पष्ट चित्र सोचिए — कोई गंध, कोई कमरा, कोई चेहरा, कोई गिरना, कोई त्योहार।
- उसकी तिथि किसी बाहरी सूत्र से तय कीजिए: तब आप किस घर में रहते थे, कौन-से विद्यालय में थे, स्मृति में और कौन है, कोई छोटा भाई-बहन तब जन्मा था या नहीं।
- किसी स्रोत से मिलान कीजिए — माता-पिता से पूछिए या कोई छायाचित्र देखिए। कभी-कभी पता चलता है कि जिसे आप 'याद' मानते हैं वह वास्तव में सुनी हुई कहानी या बार-बार देखा गया चित्र है।
नमूना उत्तर: “मेरी सबसे पुरानी स्मृति है कि मैं अपने चचेरे भाई के नामकरण में कुर्सी पर चढ़कर लड्डुओं की थाली तक पहुँच रहा था। मुझे पीला परदा और दादी की हँसी याद है। मुझे लगता था मैं बहुत छोटा था; माँ से पूछा तो पता चला मैं साढ़े तीन वर्ष का था — वह कार्यक्रम 2016 में हुआ था। इस प्रकार मेरा अपना स्मरणीय अतीत लगभग छह वर्ष पीछे तक जाता है।”
पुस्तक यहीं से क्यों आरंभ करती है: आपकी सबसे पुरानी स्मृति आपका व्यक्तिगत 'इतिहास का स्रोत' है, और वह ठीक ऐतिहासिक स्रोत की तरह व्यवहार करती है। वह अधूरी है (परदा याद है, तिथि नहीं), वह गलत भी हो सकती है, और वह तभी विश्वसनीय बनती है जब आप उसे किसी अन्य साक्ष्य — छायाचित्र, बड़ों के कथन — से मिलाकर देखें। यही इतिहास की पूरी पद्धति है, जिसे पाँच हज़ार नहीं, पाँच वर्ष के अतीत पर आज़माया जा रहा है।