प्र1.
ऊपर दी गई सूची में प्रत्येक विशेषता के लिए क्या आप उस समय के समाज में विद्यमान व्यवसाय और रोजगार की सूची तैयार कर सकते हैं?
उत्तर
सातों विशेषताओं को एक-एक करके लीजिए और पूछिए — यह काम प्रतिदिन किसे करना पड़ता? नीचे दी गई सूची के सभी व्यवसाय किसी हड़प्पाई नगर में सचमुच रहे होंगे, और इनमें से अधिकांश ने कुछ न कुछ ऐसा छोड़ा है जो खुदाई में मिला है।
| विशेषता | आवश्यक व्यवसाय और रोजगार | उनके छोड़े हुए प्रमाण |
|---|---|---|
| शासन और प्रशासन | शासक या प्रमुख; परिषद् के सदस्य; नगर प्रशासक; कर या भंडार के अधिकारी; लेखाकार; न्यायकर्ता; सार्वजनिक निर्माण के पर्यवेक्षक; प्रहरी | गोदाम, मानक बाट, सुनियोजित सड़कें |
| नगरीकरण | नगर-योजनाकार; भूमि-मापक; ईंट बनाने वाला; राजमिस्त्री; बढ़ई; कुआँ खोदने वाला; नाली बनाने वाला; सफाईकर्मी; जल-वाहक | मानक आकार की ईंटें, कुएँ, ढकी नालियाँ, जलाशय |
| शिल्प | कुम्हार; मनका बनाने और उनमें छेद करने वाला; शंख की चूड़ी बनाने वाला; ताम्रकार और कांस्यकार; स्वर्णकार; हाथी दाँत का कारीगर; पत्थर तराशने वाला; बुनकर; रंगरेज; खिलौने और खेल बनाने वाला | चित्र 6.14 का दर्पण, छैनी, मनके, कंघा, सीटी और खेल-बोर्ड |
| व्यापार | व्यापारी; दुकानदार; बैलगाड़ी चालक; नाविक और मल्लाह; बंदरगाह के श्रमिक; भारवाहक; तौलने वाला; मुहर उकेरने वाला | मुहरें, बाट, लोथल का बंदरगाह, सूसा में मिले मनके |
| लेखन | लेखक; मुहर-उत्कीर्णक; संग्रहीत अनाज और वस्तुओं का हिसाब रखने वाला | अंकित मुहरें और पट्टिकाएँ |
| सांस्कृतिक विचार | मूर्तिकार; पात्र चित्रित करने वाला; संगीतकार और नर्तक; कथावाचक; पुरोहित; खिलौना बनाने वाला | ‘नर्तकी’, ‘पुरोहित राजा’, नमस्ते की मूर्ति, प्यासे कौए वाला पात्र |
| कृषि | किसान; हलवाहा; पशुपालक; मछुआरा; अनाज पीसने वाला; कपास उगाने वाला; माली; नगर तक अनाज ले जाने वाला गाड़ीवान | बनावली का मिट्टी का हल; पशुओं और मछलियों की हड्डियाँ |
इस अभ्यास का सार। सूची गिनिए — लगभग चालीस अलग-अलग व्यवसाय। शिकारी-संग्राहक समूह में लगभग सभी लोग वही कुछ काम करते हैं। सभ्यता में लोग विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं — और विशेषज्ञता तभी संभव है जब किसान अपनी आवश्यकता से अधिक अन्न उगाएँ।
यह कीजिए : पृष्ठ 100–101 की कोई भी वस्तु चुनिए और पीछे की ओर चलिए — उसे बनाने वाले कौन-कौन थे? अकेली कांस्य छैनी के लिए तांबा खोदने वाला, टिन का व्यापारी, धातु गलाने वाला, सही अनुपात जानने वाला कारीगर और उसे खरीदने वाला बढ़ई — एक छोटा उपकरण, पाँच व्यवसाय।
यह अनुमान नहीं, इतिहास की विधि है : पुरातत्ववेत्ता ठीक यही करते हैं। किसी घर में अधूरे छेद वाले कार्नेलियन मनके और टूटी पत्थर की बरमी मिलती है, तो वे निष्कर्ष निकालते हैं कि वहाँ मनका बनाने वाला रहता था। वस्तुएँ व्यवसायों का प्रमाण हैं, और व्यवसाय समाज की संरचना का।