प्र1.
जिस तरह हमने सभ्यता को परिभाषित किया है, उस अर्थ में सभ्यता का आरंभ कब हुआ?
उत्तर
कोई एक तिथि नहीं है, क्योंकि विश्व के विभिन्न भागों में अलग-अलग समय पर सभ्यताओं का आरंभ हुआ। पुस्तक तीन उदाहरण देती है और पृष्ठ 87 का चित्र 6.2 उन्हें दिखाता है।
| कहाँ | आज का देश | आरंभ कब |
|---|---|---|
| मेसोपोटामिया | आधुनिक इराक और सीरिया | लगभग 6,000 वर्ष पहले — चित्र 6.2 पर लगभग 4000 सा.सं.पू. |
| प्राचीन मिस्र | मिस्र | “कुछ शताब्दियों के बाद” — चित्र 6.2 पर लगभग 3100 सा.सं.पू. |
| सिंधु-सरस्वती | भारत और पाकिस्तान (तथा अफ़ग़ानिस्तान में एक पुरास्थल) | महानगर लगभग 2600 सा.सं.पू. से 1900 सा.सं.पू. तक |
6,000 वर्ष पहले ≈ 6000 − 2026 = लगभग 4000 सा.सं.पू. — ठीक वहीं से चित्र 6.2 आरंभ होता है।
ये स्थान ही क्यों। तीनों बड़ी नदी-प्रणालियों पर पनपे — दजला-फ़रात, नील, तथा सिंधु और सरस्वती। नदियाँ मिट्टी को उपजाऊ बनाती हैं, खेतों को सींचती हैं और नावें ढोती हैं। सातवीं विशेषता — कृषि उत्पादकता — के लिए यही परिस्थिति चाहिए।
पुस्तक इन सभ्यताओं को महत्वपूर्ण क्यों बताती है : “सही अर्थों में उन प्राचीन सभ्यताओं के बहुत बड़े योगदान और प्रगति के कारण ही मानवता आज वर्तमान स्थिति में पहुँच सकी है।” लेखन, नगर, नालियाँ, मापे हुए बाट, पहियेदार गाड़ियाँ, धातु के उपकरण, दूरस्थ व्यापार — ये सब इन्हीं जैसे समाजों में एक बार आविष्कृत हुए और तब से हम उनका उपयोग कर रहे हैं।
सुझाव : ‘लगभग 6,000 वर्ष पहले’ और ‘लगभग 4000 सा.सं.पू.’ का अर्थ एक ही है। जब पुस्तक दोनों तरीकों को मिलाकर लिखे, तो तुलना करने से पहले एक को दूसरे में बदल लीजिए।