अन्वेषण अध्याय 6 आइए विचार करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
ऊपर बताई गई विशेषताओं में से आप किसे मूलभूत विशेषता मानते हैं — अर्थात ऐसी विशेषता, जो अन्य सभी के विकास के लिए अनिवार्य है?
उत्तर

कृषि उत्पादकता। यही एकमात्र विशेषता है जिसके बिना सूची की कोई भी दूसरी विशेषता उभर ही नहीं सकती।

विशेषताअतिरिक्त अन्न के बिना यह क्यों संभव नहीं
नगरीकरणनगर उन लोगों से भरा होता है जो कुछ भी नहीं उगाते। वे वहाँ तभी रह सकते हैं जब किसान अपनी आवश्यकता से अधिक उगाएँ और वह अतिरिक्त अन्न नगर तक पहुँचे। पुस्तक स्पष्ट कहती है — “ग्रामीण क्षेत्रों से पर्याप्त कृषि उपज प्रतिदिन उपलब्ध होने पर ही नगर जीवित रह सकते थे।”
शिल्पमनकों में छेद करने वाला या शंख की चूड़ी बनाने वाला दिन भर अपने काम में लगा रहता है। उसका भोजन कोई और जुटाता है।
व्यापारव्यापार उसी का होता है जो बचा हो। अनाज, कपास और यात्रा का समय — तीनों कृषि के अतिरिक्त उत्पादन से आते हैं।
शासन, लेखन, सांस्कृतिक विचारअधिकारी, लेखक और कलाकार कोई भोजन नहीं उगाते। वे वहीं रह सकते हैं जहाँ भोजन पर्याप्त और सुरक्षित हो।

एक दूसरा उत्तर भी मान्य है। कुछ विद्यार्थी शासन और प्रशासन को मूलभूत मानते हैं, और यह तर्क कमजोर नहीं है : किसी को तो सड़कों की योजना बनानी थी, नालियाँ बिछानी थीं, ईंटों और बाटों के मानक तय करने थे और सैकड़ों श्रमिकों से धौलावीरा के जलाशय बनवाने थे। ठीक यही बात पृष्ठ 96 का ‘आइए विचार करें’ पूछता है।

निर्णय कैसे करें : पूछिए कि कौन-सी विशेषता दूसरी से पहले आ सकती है। बिना शासन के खेती करने वाला गाँव पूरी तरह संभव है — अध्याय 4 उसी का वर्णन करता है। बिना कृषि के शासन संभव नहीं : अधिकारी भूखे मर जाएँगे। इसलिए कृषि नींव है और प्रशासन पहली मंज़िल। यदि एक ही उत्तर देना हो तो कृषि लिखिए; यदि चर्चा करनी हो तो दोनों दीजिए और बताइए कि समय के क्रम में कृषि पहले आती है।
स्वयं जाँचिए : पुस्तक ने कृषि को सूची में अंत में रखा है, पर महत्व में सबसे पहले — और यही एकमात्र विशेषता है जिसे उसने ‘क्या है’ से नहीं, बल्कि ‘क्या करना चाहिए’ से परिभाषित किया है (“जो गाँव ही नहीं, बल्कि नगरों को भी भोजन उपलब्ध करा सके”)।
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