प्र1.
आखिर सभ्यता है क्या?
उत्तर
सामान्यत: इस शब्द का प्रयोग मानव समाज के उन्नत चरण के लिए किया जाता है। पुस्तक इसे और स्पष्ट करती है — “हम यहाँ इस बात पर विचार करेंगे कि एक ‘सभ्यता’ में कम से कम निम्नलिखित विशेषताएँ होनी चाहिए” — और सात विशेषताएँ गिनाती है।
शासन और प्रशासन · नगरीकरण · विभिन्न प्रकार के शिल्प · व्यापार
लेखन का कोई रूप · सांस्कृतिक विचार · कृषि उत्पादकता
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उस वाक्य के दो शब्दों पर ध्यान दीजिए :
- “हम यहाँ … विचार करेंगे” — यह परिभाषा इस पुस्तक की है, एकमात्र संभव परिभाषा नहीं। भिन्न इतिहासकार रेखा थोड़ी अलग जगह खींचते हैं।
- “कम से कम” — ये सात न्यूनतम हैं, पूरा विवरण नहीं। किसी सभ्यता में इससे कहीं अधिक हो सकता है।
परिभाषा की आवश्यकता क्यों : “सभ्यता का आरंभ कब हुआ?” इस प्रश्न का कोई उत्तर तब तक नहीं हो सकता जब तक आप यह न बताएँ कि सभ्यता किसे कहेंगे। जाँच-सूची मिल जाने पर आप किसी भी क्षेत्र की परीक्षा कर सकते हैं — मेसोपोटामिया लगभग 6,000 वर्ष पहले, मिस्र कुछ शताब्दियों बाद, और सिंधु-सरस्वती क्षेत्र लगभग 2600 सा.सं.पू. में। जाँच-सूची के बिना ‘सभ्यता’ केवल एक राय है।
सावधान : ‘सभ्यता’ का अर्थ ‘अच्छा’ या ‘श्रेष्ठ’ नहीं है। यह बताता है कि समाज किस प्रकार संगठित है — नगर, अभिलेख, व्यापार, प्रशासन — न कि उसके लोग कितने भले या बुद्धिमान थे। किसी भी नगर के बनने से बहुत पहले शिकारी-संग्राहक और ग्रामीण समुदायों की अपनी समृद्ध संस्कृति थी।