अन्वेषण अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
इस सभ्यता के पतन के क्या कारण थे?
उत्तर

वर्तमान में दो कारणों पर सहमति है, और एक पुरानी व्याख्या छोड़ दी गई है।

कारणस्थिति और प्रमाण
1लगभग 2200 सा.सं.पू. से विश्व के बड़े भाग को प्रभावित करने वाला जलवायु परिवर्तन — वर्षा में कमी और शुष्कतासहमति। इससे कृषि कार्य अधिक कठिन हुआ होगा और नगरों की ओर खाद्य आपूर्ति घटी होगी
2सरस्वती नदी का मध्य बेसिन सूख गयासहमति। वहाँ के नगर — जैसे कालीबंगा और बनावली — अचानक छोड़ दिए गए। बाद के ग्रंथ भी इस नदी के सूखने और लुप्त होने का वर्णन करते हैं (पृष्ठ 90)
3युद्ध या आक्रमण से नगरों का विध्वंसअस्वीकृत। “युद्ध या आक्रमण के कोई निशान नहीं मिलते।” हड़प्पावासियों ने “कभी भी कोई सेना या युद्ध के हथियार नहीं रखे”

अध्याय सावधानी से जोड़ता है — “इसमें अन्य कारण भी रहे होंगे”। दो कारण सबसे अधिक प्रमाणित हैं, पूरी कहानी नहीं।

ध्यान दीजिए कि पतन दिखता कैसा था। यह कोई एक आकस्मिक विपत्ति नहीं थी :

  • यह लगभग 1900 सा.सं.पू. में हुआ — शुष्क दौर आरंभ होने के तीन शताब्दी बाद; धीमा दबाव, अचानक प्रहार नहीं।
  • “इसके नगर एक के बाद एक खाली होते गए” — भिन्न नगर भिन्न समय पर।
  • लोग लुप्त नहीं हुए। जो रहे, उन्होंने “ग्रामीण जीवन-शैली को अपनाया”, और हड़प्पावासी “सैकड़ों-हजारों छोटी बस्तियों के रूप में बिखर गए”।
  • “ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्ववर्ती सरकार या प्रशासन अब विद्यमान नहीं रहा” — वास्तव में जो टूटा, वह वही संगठन था जो नगरों को जोड़े रखता था।
अनुभाग का शीर्षक “अंत अथवा नई शुरुआत?” क्यों है : क्योंकि सभ्यता मरी नहीं, उसका रूप बदल गया। “यद्यपि नगर लुप्त हो गए, लेकिन हड़प्पा की संस्कृति एवं प्रौद्योगिकी अधिकांशत: बची रही और यह भारतीय सभ्यता के अगले चरण में पहुँच गई।” शिल्प, फसलें, हल, चूड़ियाँ, नमस्ते, कहानियाँ — ये सब नगरों से निकलकर गाँवों में गए और आज भी हमारे साथ हैं।
परीक्षा के लिए सुझाव : तीन भागों में उत्तर दीजिए — (i) लगभग 2200 सा.सं.पू. से जलवायु परिवर्तन, (ii) सरस्वती के मध्य बेसिन का सूखना, और (iii) युद्ध या आक्रमण नहीं, क्योंकि उसका कोई प्रमाण नहीं। फिर एक पंक्ति जोड़िए : “ये दो कारण हमें याद दिलाते हैं कि हम अपने कल्याण के लिए जलवायु और पर्यावरण पर कितने निर्भर हैं।”
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