कुतूहल अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.2: आइए, प्रयोग करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका 10.2 में वायु, सूर्य के प्रकाश और जल की उपलब्धता को इंगित कीजिए।
उत्तर

प्रत्येक गमले को ध्यान से पढ़िए और लिखिए कि बीज तक वास्तव में क्या पहुँच रहा है।

फली के बीज वाले गमलेवायुसूर्य का प्रकाशजल
क: सीधा सूर्य के प्रकाश में और जलरहितहाँहाँनहीं
ख: सीधा सूर्य के प्रकाश में और अत्यधिक जलयुक्तनहींहाँहाँ (अत्यधिक)
ग: पूर्णतः अँधेरे में और नम मिट्टीयुक्तहाँनहींहाँ (उपयुक्त मात्रा)
घ: सीधा सूर्य के प्रकाश में और नम मिट्टीयुक्तहाँहाँहाँ (उपयुक्त मात्रा)
सबसे अधिक भूल गमला ‘ख' की वायु में होती है। किसी ने वहाँ से वायु हटाई नहीं। किंतु वहाँ मिट्टी के ऊपर सदैव जल भरा रहता है, अतः जल ने मिट्टी के कणों के बीच का सारा स्थान भर दिया और वायु को बाहर निकाल दिया। बीज जल के नीचे है और उसे वायु नहीं मिल पा रही। यही एक परिवर्तन गमला ‘ख' को ‘घ' से अलग करता है।
संकेत: देखिए चारों गमले कैसे बनाए गए हैं। ‘घ' में सब कुछ है। ‘क' = घ घटा जल, ‘ग' = घ घटा सूर्य का प्रकाश, ‘ख' = घ में अत्यधिक जल (और इसीलिए वायु नहीं)। एक बार में केवल एक बात बदलना ही इसे निष्पक्ष परीक्षण बनाता है।
प्र2.
जब किसी बीज में अंकुर निकलता है तो उसे अंकुरित बीज कहते हैं। अनुमान लगाएँ कि क्या प्रत्येक गमले में बीजों का अंकुरण होगा? विभिन्न परिस्थितियों में रखे गए प्रत्येक गमले के विषय में अपने पूर्वानुमान तालिका 10.2 में अंकित कीजिए। 7–10 दिनों तक गमलों में बीज अंकुरण की स्थिति का नियमित अवलोकन कीजिए। अपने अवलोकनों को तालिका 10.2 में अंकित कीजिए। अपने अवलोकन के पक्ष में संभावित कारणों को तालिका 10.2 में लिखिए।
उत्तर

7 से 10 दिन बाद पूरी भरी हुई तालिका 10.2 इस प्रकार होगी—

फली के बीज वाले गमलेउपलब्धताबीज का अंकुरणअवलोकन का संभावित कारण
वायुसूर्य का प्रकाशजलपूर्वानुमानअवलोकन
क: सीधा सूर्य के प्रकाश में और जलरहितहाँहाँनहींनहींअंकुरण नहीं हुआजल के बिना बीजावरण मुलायम नहीं होता और भ्रूण अपनी क्रियाएँ आरंभ नहीं कर पाता। बीज कठोर और सूखे ही रहे।
ख: सीधा सूर्य के प्रकाश में और अत्यधिक जलयुक्तनहींहाँहाँ (अत्यधिक)नहींअंकुरण नहीं हुआ; बीज फूलकर मुलायम पड़ गए, सड़ने लगे और दुर्गंध आने लगीभरे हुए जल ने मिट्टी के कणों के बीच का स्थान घेरकर वायु बाहर कर दी। अंकुरण के लिए वायु आवश्यक है, अतः बीज मर गए और सड़ गए।
ग: पूर्णतः अँधेरे में और नम मिट्टीयुक्तहाँनहींहाँ (उपयुक्त)अधिकांश विद्यार्थी “नहीं” का अनुमान लगाते हैंबीज अंकुरित हो गए। नवोद्भिद लंबे, पतले और हरे के बजाय पीले-सफेद थेफली के बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता नहीं— जल और वायु पर्याप्त हैं। प्रकाश अंकुरण के बाद नवोद्भिद के हरा और सुदृढ़ बनने के लिए चाहिए।
घ: सीधा सूर्य के प्रकाश में और नम मिट्टीयुक्तहाँहाँहाँ (उपयुक्त)हाँसर्वोत्तम अंकुरण— स्वस्थ हरे नवोद्भिदतीनों आवश्यकताएँ पूरी हैं: उपयुक्त मात्रा में जल, मिट्टी के रिक्त स्थानों में भरपूर वायु, और आगे की वृद्धि के लिए सूर्य का प्रकाश।
इस क्रियाकलाप का सबसे बड़ा आश्चर्य गमला ‘ग' है। अधिकांश विद्यार्थी सोचते हैं कि अँधेरे में बीज नहीं फूटेंगे। वे फूटते हैं। प्रयोग का मूल्य यही है— वह एक गलत धारणा को प्रमाण से सुधार देता है। इसी कारण किसान बीजों को मिट्टी के भीतर, अँधेरे में बोते हैं, ऊपर नहीं।
यह कीजिए: गमला ‘ग' के पीले नवोद्भिदों को दो दिन धूप में रखिए। वे हरे हो जाएँगे और उनका लंबा-पतलापन घट जाएगा। अब आपने अंकुरण और वृद्धि का अंतर अपनी आँखों से देख लिया।
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