कुतूहल अध्याय 10 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अब, जबकि आप यह जान गए हैं कि सजीव की पहचान कैसे की जाए, क्रियाकलाप 10.1 को पूरा करने के लिए तालिका 10.1 के शेष दो स्तंभ (IV और V) को भरिए।
उत्तर

अब आठों विशेषताओं को एक जाँच-सूची की तरह प्रयोग कीजिए। पूरी भरी हुई तालिका 10.1 इस प्रकार होगी—

(I) नाम(II) मेरा अनुमान(III) कारण या टिप्पणी(IV) सही उत्तर(V) सही उत्तर का कारण या टिप्पणी
पेंसिलनिर्जीवस्वयं न हिलती है, न बढ़ती हैनिर्जीवआठों विशेषताओं में से एक भी नहीं— न पोषण, न वृद्धि, न श्वसन, न उत्सर्जन, न अनुक्रिया, न जनन
पुस्तकनिर्जीवजहाँ रखी है वहीं पड़ी रहती हैनिर्जीवकागज वृक्ष से बना है, किंतु कागज अब न वृद्धि करता है, न श्वसन और न अनुक्रिया
कबूतरसजीवछेड़ने पर उड़ जाता हैसजीवगति करता है, दाना खाता है, चूजे से बड़ा होता है, श्वसन-उत्सर्जन करता है, अनुक्रिया करता है, अंडे देता है और मरता है
कारनिर्जीवचलती तो है, पर चालक के साथनिर्जीवकेवल गति जीवन नहीं है। उसे ईंधन चाहिए, भोजन नहीं; न वृद्धि, न जनन
पौधेसजीवऊँचाई बढ़ती हैसजीववृद्धि करते हैं, स्वयं भोजन बनाते हैं, रंध्रों से श्वसन करते हैं, बूँदें उत्सर्जित करते हैं, प्रकाश की ओर मुड़ते हैं, बीज बनाते हैं और मरते हैं
छिपकलीसजीवदीवार पर दौड़ती हैसजीवकीट पकड़ती है, वृद्धि करती है, श्वसन करती है, प्रकाश-ध्वनि पर तुरंत अनुक्रिया करती है, अंडे देती है
बीज (कठिन उदाहरण)निर्जीव (प्रायः पहला अनुमान यही होता है)चुपचाप पड़ा रहता है, कुछ नहीं करतासजीवउसके भीतर एक नन्हा जीवित भ्रूण है। जल और वायु मिलते ही वह अंकुरित होकर पूरा पौधा बन जाता है
स्तंभ II और IV भिन्न क्यों हो सकते हैं: यही अंतर इस क्रियाकलाप का उद्देश्य है। पहला अनुमान इस पर आधारित होता है कि वस्तु दिखती कैसी है; सही उत्तर इस पर कि वह जीवन की विशेषताओं की कसौटी पर खरी उतरती है या नहीं। बीज प्रायः स्तंभ II और स्तंभ IV के बीच पक्ष बदल देता है।
प्र2.
आप एक बीज को सजीव या निर्जीव किस श्रेणी में रखेंगे? क्यों?
उत्तर

बीज सजीव है।

वह पहली दृष्टि में निर्जीव क्यों लगता है: सूखा बीज न हिलता है, न दिखाई देने वाली वृद्धि करता है, न कोई अनुक्रिया दिखाता है और न कुछ खाता है। वह वर्ष भर डिब्बे में पड़ा रहकर भी वैसा ही रहता है। इस स्थिति में बीज प्रसुप्त कहलाता है— उसकी जैव क्रियाएँ अत्यंत धीमी गति से चलती रहती हैं।

वह वास्तव में सजीव क्यों है—

  • बीजावरण के भीतर एक नन्हा भ्रूण होता है— छोटी जड़ और छोटे प्ररोह वाला शिशु पौधा।
  • उपयुक्त परिस्थितियाँ— जल और वायु— मिलते ही वह अंकुरित हो जाता है: आवरण मुलायम होकर फटता है, जड़ नीचे और प्ररोह ऊपर जाता है।
  • फिर वह वृद्धि करता है, श्वसन करता है, प्रकाश और गुरुत्व के प्रति अनुक्रिया करता है और अंततः फूल, फल तथा नए बीज बनाता है।
मरा हुआ या भुना हुआ बीज उतना ही जल और वायु पाकर भी कभी अंकुरित नहीं होता → अर्थात साधारण बीज पूरे समय जीवित था।
स्वयं जाँचिए: रसोई से दस चने और दस भुने चने लीजिए। दोनों को तीन दिन गीली रुई पर रखिए। साधारण चने अंकुरित हो जाएँगे; भुने चने केवल फूलकर सड़ जाएँगे। भूनने से भ्रूण मर चुका था।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ