कुतूहल अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.3: आइए, योजना बनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका 10.3 में अपने पूर्वानुमानों एवं अवलोकनों को भरिए।
उत्तर

भरी हुई तालिका 10.3 इस प्रकार होगी। पूर्वानुमान बीकर रखने से पहले लिखिए और अवलोकन 4 से 7 दिन बाद।

बीकर या गिलाससूर्य के प्रकाश की दिशापौधे की दिशाप्ररोह या जड़पूर्वानुमानअवलोकन
सभी दिशाएँसीधा, ऊपर की ओरप्ररोहऊपर की ओर बढ़ेगासीधा ऊपर की ओर बढ़ा
जड़नीचे की ओर बढ़ेगीसीधी नीचे की ओर बढ़ी
सभी दिशाएँउल्टा, नीचे की ओरप्ररोहशायद नीचे ही बढ़ता रहेगामुड़कर ऊपर की ओर बढ़ा
जड़शायद ऊपर ही बढ़ती रहेगीमुड़कर नीचे की ओर बढ़ी
केवल एक दिशा सेसीधा, ऊपर की ओरप्ररोहऊपर की ओर बढ़ेगाऊपर बढ़ा और छेद की ओर मुड़ गया जहाँ से प्रकाश आ रहा था
जड़नीचे की ओर बढ़ेगीनीचे की ओर बढ़ी, प्रकाश की ओर ध्यान नहीं दिया
संकेत: ब्लॉटिंग पेपर सदा गीला रखिए और यह सुनिश्चित कीजिए कि नवोद्भिद जल की सतह से ऊपर रहे। जल में डूबा नवोद्भिद सड़ जाएगा— ठीक वही जो क्रियाकलाप 10.2 के गमला ‘ख' में हुआ था।
प्र2.
आपके अवलोकन के अनुसार बीकर ‘क', ‘ख' और ‘ग' में जड़ और प्ररोह की वृद्धि की दिशा क्या है? क्या आपके अवलोकन आपके पूर्वानुमान से मेल खाते हैं? आप इस क्रियाकलाप से क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर

परिणाम, जैसे पुस्तक उन्हें दर्ज करती है—

  1. पौधे को सीधा रखे जाने पर जड़ नीचे की ओर वृद्धि करती है और प्ररोह की वृद्धि ऊपर की दिशा में होती है। (बीकर ‘क')
  2. यदि पौधा उल्टा रखा हो तो जड़ मुड़ जाती है और नीचे की ओर वृद्धि करती है। प्ररोह भी मुड़ जाता है और ऊपर की ओर वृद्धि करता है। (बीकर ‘ख')
  3. यदि पौधे को सूर्य का प्रकाश केवल एक दिशा से मिलता है तो प्ररोह प्रकाश की दिशा में वृद्धि करता है, जबकि जड़ नीचे की ओर वृद्धि करती है। (बीकर ‘ग')
क — सीधा ख — उल्टा ग — एक दिशा से प्रकाश प्ररोह ऊपर, जड़ नीचे दोनों मुड़कर स्वयं को सुधार लेते हैं प्ररोह प्रकाश की ओर, जड़ फिर भी नीचे हरा = प्ररोह  •  बैंगनी = जड़  •  बिंदुदार रेखा = बीज का तल
क्रियाकलाप 10.3 का निष्कर्ष: नवोद्भिद चाहे जिस दिशा में रखा जाए, जड़ अंततः नीचे और प्ररोह ऊपर की ओर ही बढ़ता है।

क्या पूर्वानुमान मेल खाते हैं? बीकर ‘क' के लिए प्रायः खाते हैं। बीकर ‘ख' के लिए अधिकांश विद्यार्थियों का पूर्वानुमान गलत निकलता है— वे सोचते हैं कि उल्टा पौधा उसी उल्टी दिशा में बढ़ता रहेगा। ऐसा नहीं होता। यहाँ गलत सिद्ध होना ही इस क्रियाकलाप का सबसे मूल्यवान भाग है।

निष्कर्ष: पौधों के प्ररोह ऊपर की ओर बढ़ते हैं और सूर्य के प्रकाश की ओर गति प्रदर्शित करते हैं, जबकि पौधों की जड़ें नीचे की ओर बढ़ती हैं।
पौधा ऐसा क्यों करता है: प्ररोह को अपनी पत्तियाँ प्रकाश और वायु तक पहुँचानी हैं ताकि भोजन बन सके, इसलिए वह पृथ्वी के खिंचाव से दूर और प्रकाश की ओर बढ़ता है। जड़ को जल, खनिज और मजबूत पकड़ चाहिए जो नीचे मिलते हैं, इसलिए वह पृथ्वी के खिंचाव की ओर बढ़ती है और प्रकाश की परवाह नहीं करती। यही कारण है कि खेत में लापरवाही से गिरा बीज भी सही दिशा में ही उगता है।
वैज्ञानिक से परिचय: जगदीश चंद्र बोस (1858–1937) एक भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्होंने प्रकाश, ताप, विद्युत और गुरुत्वाकर्षण जैसे उद्दीपनों के प्रति पौधों की अनुक्रियाओं को अंकित करने के लिए क्रेस्कोग्राफ नामक मशीन बनाई। इस मशीन से उन्होंने मापा कि पौधे कितनी तेजी से बढ़ते हैं, और यह भी दर्शाया कि पौधे उद्दीपनों को महसूस कर सकते हैं और उनके प्रति अनुक्रिया करते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ