कुतूहल अध्याय 10 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पौधे सूर्य के प्रकाश के प्रति किस प्रकार अनुक्रिया करते हैं? क्या सूर्य का प्रकाश पौधों के विभिन्न भागों की वृद्धि की दिशा को प्रभावित करता है?
उत्तर

पौधे सूर्य के प्रकाश की ओर बढ़कर अनुक्रिया करते हैं— और हाँ, प्रकाश वृद्धि की दिशा को प्रभावित करता है, किंतु केवल प्ररोह की।

  • प्ररोह मुड़कर प्रकाश की ओर बढ़ता है। मनी प्लांट को पखवाड़े भर खिड़की के पास रखिए— उसकी सारी पत्तियाँ खिड़की की ओर हो जाएँगी।
  • जड़ प्रकाश का बिल्कुल अनुसरण नहीं करती। वह नीचे मिट्टी में ही बढ़ती रहती है जहाँ जल और खनिज हैं।
  • पत्तियाँ इस प्रकार मुड़ जाती हैं कि उनकी चपटी सतह प्रकाश के सामने आए और अधिक से अधिक प्रकाश मिले।
  • युवा सूरजमुखी का फूल दिन भर पूरब से पश्चिम की ओर सूर्य के साथ घूमता है।
प्ररोह प्रकाश के पीछे और जड़ उदासीन क्यों: प्ररोह पर पत्तियाँ लगी हैं और पत्तियों को भोजन बनाने के लिए सूर्य का प्रकाश चाहिए— अतः प्रकाश की ओर मुड़ना सीधे लाभदायक है। जड़ का काम अलग है: पौधे को जमाना और जल तथा खनिज लेना। ये दोनों नीचे मिलते हैं, इसलिए जड़ प्रकाश के बजाय गुरुत्व का उत्तर देती है। क्रियाकलाप 10.3 इसी अंतर को दिखाने के लिए बनाया गया है।
स्वयं जाँचिए: तुलसी का गमला खिड़की पर रखिए और हर चौथे दिन गमले को आधा घुमा दीजिए। हर बार प्ररोह के सिरे फिर से काँच की ओर मुड़ जाएँगे। उन्हें कोई हिला नहीं रहा— पौधा स्वयं अनुक्रिया कर रहा है।
प्र2.
किसी पौधे को उल्टा रखे जाने पर इसकी जड़ और प्ररोह की वृद्धि किस दिशा में होगी? आप इन प्रश्नों का उत्तर खोजने के लिए एक क्रियाकलाप की योजना कैसे बनाएँगे?
उत्तर

मेरा पूर्वानुमान: पौधे को उल्टा रखने पर भी जड़ मुड़कर नीचे की ओर और प्ररोह मुड़कर ऊपर की ओर ही वृद्धि करेगा। पौधा स्वयं को “सुधार” लेगा।

क्रियाकलाप की योजना— जैसी पुस्तक क्रियाकलाप 10.3 में अपनाती है—

  1. नवोद्भिद तैयार कीजिए। फली या चने के बीजों को नम कपड़े पर तब तक अंकुरित कीजिए जब तक प्रत्येक में छोटी जड़ और छोटा प्ररोह न बन जाए।
  2. तीन एक जैसे सेट-अप बनाइए ताकि तुलना निष्पक्ष रहे— तीन काँच के बीकर लीजिए और उन पर ‘क', ‘ख' और ‘ग' लेबल लगाइए।
  3. प्रत्येक प्लेट पर एक नवोद्भिद बाँधिए। काँच की प्लेट पर मोटा ब्लॉटिंग पेपर मोटे कोमल सूती धागे से बाँधिए और उसी धागे से नवोद्भिद इस प्रकार बाँधिए कि वह क्षतिग्रस्त न हो। गीला ब्लॉटिंग पेपर उसे नमी देता रहेगा।
  4. प्रत्येक में केवल एक बात बदलिए— यही योजना का मूल है:
    • — नवोद्भिद सीधा, सूर्य का प्रकाश सभी दिशाओं से। यह नियंत्रण (कंट्रोल) है।
    • — नवोद्भिद उल्टा (प्ररोह नीचे, जड़ ऊपर), प्रकाश सभी दिशाओं से। यह पौधे की अपनी स्थिति का प्रभाव जाँचता है।
    • — नवोद्भिद सीधा, किंतु गत्ते के बॉक्स के एक छोटे गोल छेद से केवल एक दिशा से प्रकाश। यह प्रकाश की दिशा का प्रभाव जाँचता है।
  5. पहले पूर्वानुमान लिखिए, फिर कई दिन अवलोकन कीजिए और दोनों तालिका में अंकित कीजिए, ताकि ईमानदारी से तुलना हो सके।
तीन सेट-अप क्यों, एक क्यों नहीं: केवल बीकर ‘ख' से आप नहीं जान पाते कि मुड़ाव उल्टा रखने के कारण हुआ या वह नवोद्भिद वैसे ही बढ़ता। ‘क' तुलना के लिए सामान्य स्थिति है और ‘ग' प्रकाश की दिशा के प्रभाव को पौधे की स्थिति के प्रभाव से अलग कर देता है। एक बार में एक कारक बदलना ही किसी क्रियाकलाप को प्रदर्शन से प्रयोग बनाता है।
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