प्र1.
आपके विचार से कौन-सी अन्य परिस्थितियाँ बीज के अंकुरण को प्रभावित करेंगी?
उत्तर
जल, वायु और प्रकाश के अतिरिक्त भी कई बातें तय करती हैं कि बीज अंकुरित होगा या नहीं।
| परिस्थिति | अंकुरण पर प्रभाव | रोजमर्रा का प्रमाण |
|---|---|---|
| तापमान | भारत की अधिकांश फसलों के बीज लगभग 20 °C से 35 °C के बीच सर्वोत्तम अंकुरित होते हैं। बहुत ठंडा या बहुत गरम होने पर अंकुरण धीमा पड़ता है या रुक जाता है। | जून में मूँग एक दिन में अंकुरित हो जाती है, दिसंबर में तीन दिन लेती है |
| बीज की गुणवत्ता और आयु | क्षतिग्रस्त, कीट-खाया, भुना हुआ या बहुत पुराना बीज— उसका भ्रूण मर चुका होता है और वह कभी अंकुरित नहीं होगा | भुना चना कभी नहीं फूटता |
| बोने की गहराई | बहुत गहरा बोने पर प्ररोह सतह तक पहुँचने से पहले ही संचित भोजन समाप्त कर देता है; ऊपर रह जाने पर बीज सूख जाता है | किसान छोटे बीज उथले और बड़े बीज कुछ गहरे बोते हैं |
| मिट्टी का प्रकार | भुरभुरी दोमट मिट्टी जल और वायु दोनों रोकती है; कड़ी चिकनी मिट्टी में जल तो है पर वायु कम; बालू में जल टिकता ही नहीं | जुते खेत में बीज पगडंडी की अपेक्षा कहीं अच्छे उगते हैं |
| पोषक तत्व (खाद) | अंकुरण के लिए स्वयं आवश्यक नहीं, किंतु उसके बाद नवोद्भिद की वृद्धि के लिए अनिवार्य | रसोई-बगीचे की क्यारी में डाली गई कंपोस्ट |
| जल एवं मिट्टी की लवणता | बहुत खारा जल बीज को जल सोखने ही नहीं देता | रेह वाली भूमि पर कुछ नहीं उगता |
यह कीजिए: इनमें से किसी एक के लिए निष्पक्ष परीक्षण बनाइए— जैसे गहराई। तीन एक जैसे गमलों में 1 सेमी, 3 सेमी और 8 सेमी गहराई पर फली के बीज बोइए और जल, वायु तथा प्रकाश तीनों समान रखिए। तभी दिखने वाला अंतर केवल गहराई के कारण होगा। (अभ्यास का प्रश्न 9 आपसे यही काम तापमान के लिए करवाता है।)