समानताएँ
- दोनों एक छोटे से आरंभ-बिंदु से शुरू होते हैं— पौधे में बीज, जंतु में अंडा या नवजात।
- दोनों एक निश्चित क्रम में अनेक अवस्थाओं से गुजरते हैं।
- दोनों वृद्धि एवं विकास करते हैं और इसके लिए उन्हें भोजन, जल तथा वायु चाहिए।
- दोनों ऐसी अवस्था तक पहुँचते हैं जहाँ वे जनन करके अगली पीढ़ी उत्पन्न कर सकें।
- दोनों अंततः मर जाते हैं, जबकि उनकी जाति अगली पीढ़ी के रूप में चलती रहती है।
- दोनों में यह चक्र फिर दोहराया जाता है— बीजों से नए पौधे, अंडों से नए जंतु।
भिन्नताएँ
| पौधा | जंतु | |
|---|---|---|
| आरंभिक अवस्था | बीज | अंडा या नवजात शिशु |
| पहले चरण का नाम | अंकुरण | स्फुटन या जन्म |
| प्रमुख अवस्थाएँ | बीज → अंकुरण → पत्तियाँ → फूल → बीजयुक्त फल | अंडा → लार्वा → प्यूपा → वयस्क (मच्छर); अंडा → टैडपोल → मंडूक → वयस्क (मेंढक) |
| स्थान | जीवन भर एक ही स्थान पर स्थिर | चलता-फिरता है; आवास जल से थल में बदल सकता है |
| भोजन | सूर्य के प्रकाश से स्वयं भोजन बनाता है | भोजन के लिए पौधों या अन्य जंतुओं पर निर्भर |
| वृद्धि | प्रायः जीवन भर चलती रहती है | सामान्यतः वयस्क अवस्था में रुक जाती है |
| अगली पीढ़ी कैसे | बीज फल के भीतर बनते और बिखरते हैं | अंडे दिए जाते हैं या बच्चे जन्म लेते हैं और प्रायः उनकी देखभाल की जाती है |